जोधपुर के बासनी स्थित फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुए ब्लास्ट के मामले में सोमवार को एक और फायर फाइटर सुरेंद्र (22) की मौत हो गई। सुरेंद्र इस हादसे में 60 प्रतिशत तक झुलस गए थे। घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो गई है। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि 60 प्रतिशत तक झुलस के बाद सुरेंद्र को वेंटिलेटर पर लिया था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान सुरेंद्र की मौत हो गई। इससे पहले 26 सितंबर को एक फायर फाइटर प्रीतेश की मौत हो गई थी। अब एक मरीज प्रदीप वेंटिलेटर पर है, जो इस हादसे में 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। डॉ. भाटी ने बताया कि जयपुर में एडमिट 6 मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रहा है। वहीं, चार मरीज प्रवीण, कुणाल, दुर्गेश और विनय का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल में चल रहा है। ये था मामला दरअसल, बासनी की गणेश नगर श्रमिक कॉलोनी स्थित हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में 23 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए 35 फायर फाइटर्स की टीम पहुंची थी। कर्मचारी आग बुझाने में जुटे थे। इस दौरान छत से एक पत्थर केमिकल से भरे ड्रम पर आकर गिर गया था। इससे ब्लास्ट हो गया। इसमें फायर ब्रिगेड के कर्मचारी झुलस गए। दूसरे फायर फाइटर्स अपने साथियों को पिकअप और दमकल में लेकर हॉस्पिटल पहुंचे थे। एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम बुलानी पड़ी आग इतनी भयानक थी कि रात 11 बजे के बाद एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम को भी बुलाना पड़ा। 24 सितंबर की सुबह 5 बजे आग पर काबू पाया गया था। लेकिन सुबह 7 बजे आग फिर से धधक उठी, जिस पर फायर ब्रिगेड की टीम ने काबू पाया। इस हादसे में झुलसे 14 कर्मचारियों में से 6 फायर फाइटर्स को करीब 350 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से महात्मा गांधी हॉस्पिटल से जयपुर के SMS अस्पताल भेजा गया था। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर-फैक्ट्री ब्लास्ट में एक फायर फाइटर की मौत:हादसे में 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे; दो दिन से वेंटिलेटर पर थे जोधपुर के बासनी में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में ब्लास्ट से फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। हादसे में झुलसे फायर फाइटर प्रीतेश की शनिवार सुबह मौत हो गई। प्रीतेश दो दिन से वेंटिलेटर पर थे और इस हादसे में 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)