जोधपुर में 20 सितंबर को पकड़े गए पंजाब के मोस्ट वांटेड व लॉरेंस गैंग के शूटर अमेरिका में बैठे गैंगस्टर आरजू के इशारे पर पहुंचे थे। टारगेट पर पॉलिटिकल कनेक्शन वाले 2 बिजनेसमैन थे। इनसे पहले एक टीम और आई थी। उन्होंने हथियार छुपाए थे और वारदात यह शार्प शूटर करने वाले थे। राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की जानकारी पर जोधपुर पुलिस ने दोनों शार्प शूटर राजेन्द्र उर्फ बिल्ला और जसकरण उर्फ सन्नी को रातानाड़ा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया था। दोनों शार्प शूटर 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। आरजू से वे लगातार कॉन्टैक्ट में थे। 2 गुर्गों की एक टीम पहले पहुंची और हथियार छुपाए शूटर जसकरण और राजिंदर राजस्थान पहुंचें उससे पहले एक टीम यहां आकर रेकी कर के गई थी। शूटरों ने खुलासा किया कि टीम जोधपुर आकर हथियार छुपा कर गई थी। पुलिस ने जब दोनों शूटर को गिरफ्तार किया था, तब भी इनके पास से ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई थी। हथियार कहां छिपाए, इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। पॉलिटिकल कनेक्शन वाला 2 बिजनेसमैन थे टारगेट दोनों शूटर जोधपुर पहुंचे तब इनको वॉट्सएप पर हथियार की लोकेशन और जहां हथियार छुपाए उसका वीडियो भेजा गया था। दोनों वारदात को अंजाम देने से पहले उस लोकेशन पर गए थे और वहां छिपाए हथियारों को भी देखा था। दोनों शूटर के टारगेट पर जोधपुर के दो बिजनेसमैन थे जिनके अच्छे पॉलिटिकल कनेक्शन हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में अभी कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं बता रही हैं। मामले की जांच एसीपी सेंट्रल आरपीएस संदीप कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी दोनों शूटर रिमांड पर हैं। इनवेस्टिगेशन पूरी होने के बाद ही जानकारी दी जाएगी। आरजू के इशारे पर पहुंचे थे जोधपुर लॉरेंस विश्नोई गैंग के यह शार्प शूटर गैंगस्टर आरजू के कॉन्टैक्ट में थे। जानकारी के अनुसार आरजू लॉरेंस का सबसे खास गैंगस्टर है और अमेरिका में है। इन दोनों से पहले रेकी करने के लिए जो टीम जोधपुर पहुंची थी। उस टीम ने सभी डिटेल आरजू को भेज दी थी। इसके बाद आरजू ने नेपाल से इन दोनों शूटर्स को जोधपुर भेजा था। शूटर नेपाल से एमपी होते हुए सिरोही और फिर जोधपुर पहुंचे। आरजू विश्नोई पंजाब का रंगदार नवीन कुमार उर्फ आरजू का है। उसने पंजाब में लॉरेंस गैंग के नाम पर व्यापारियों, कमीशन एजेंटों और संपन्न लोगों से धमकी देकर रंगदारी वसूलने के लिए संगठित सिंडिकेट बनाया था। यह लॉरेंस का करीबी सहयोगी और ऑपरेटर है। दिसंबर 2025 में श्रीगंगानगर रंगदारी नेटवर्क में भी मुख्य ऑपरेटर की भूमिका में था। 7 जुलाई 2025 को अबोहर में कपड़ा कारोबारी संजय वर्मा की गोली मारकर हत्या हुई थी। इसके बाद लॉरेंस गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरजू ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। राजस्थान में रंगदारी का नेटवर्क श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में दिसंबर 2025 में सामने आए रंगदारी नेटवर्क में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में करीब 91 लाख रुपए नकद बरामद किए गए थे। यह रकम राजस्थान से पंजाब तक पहुंचाई जा रही थी और आरजू को इस नेटवर्क का प्रमुख ऑपरेटर बताया गया। फरवरी में जोधपुर के दो बिजनेसमैन को मिली थी धमकी इस वर्ष फरवरी में जोधपुर के चौपासनी हाउसिंगबोर्ड और शास्त्री नगर निवासी दो बिजनेसमैन को लॉरेंस गैंग के आरजू ने रंगदारी के लिए कॉल किया और लॉरेंस के नाम की धमकी दी। वीपीएन के माध्यम से आई कॉल पर व्यापारियों से 48 घंटे में 2 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। दोनों व्यापारियों ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में मामला दर्ज करवाया था। इन व्यापारियों को गनमैन भी मिले थे। व्यापारी की गोली मारकर हत्या : जोधपुर के प्रसिद्ध मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की सितंबर 2017 में लॉरेंस गैंग के शूटरों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसरानी से गैंग ने मोटी रंगदारी मांगी थी पैसे न देने पर उन पर पहले भी फायरिंग करवाई गई थी। और आखिर में रंगदारी के लिए उनकी हत्या कर दी गई, जो जोधपुर में लॉरेंस गैंग का सबसे बड़ा हत्याकांड माना जाता है। …. ये खबर भी पढ़िए… लॉरेंस की राजस्थान के 2 बिजनेसमैन की हत्या की प्लानिंग:सबसे खतरनाक शार्पशूटर्स को नेपाल से बुलाया, 5-5 लाख के इनामी, विदेश भागने वाले थे राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के हत्थे चढ़े लॉरेंस गैंग के 2 शार्प शूटरों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों जोधपुर के 2 व्यापारियों को मारने आए थे। पूरी खबर पढ़िए…