शारदीय नवरात्रि पर्व पर रविवार को जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित मां चामुंडा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। आश्विन महीने की प्रतिपदा पर घटस्थापना के साथ ही अलसुबह से माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। जोधपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से पहुंचे श्रद्धालु मां चामुंडा के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े नजर आए। नवरात्रि के पहले दिन माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और माता के जयकारों से पूरा मेहरानगढ़ दुर्ग गूंज उठा। गौरतलब है कि मां चामुंडा जोधपुर के राजपरिवार की भी कुलदेवी एवं आराध्य हैं। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।। मेहरानगढ़ दुर्ग के मुख्य जयपोल से लेकर मंदिर के गर्भगृह तक सुरक्षा बल तैनात किए गए। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई। जयकारों से गूंजा मेहरानगढ़ दुर्ग शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मेहरानगढ़ दुर्ग में सुबह से ही उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु परिवार सहित माता के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर में उमड़ी भीड़ और गूंजते जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही मां चामुंडा माता के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत नजारा बना हुआ है। पॉलिथीन में प्रसाद लाना मना नवरात्रा के दौरान पॉलिथीन में प्रसाद लाना मना है। मेहरानगढ़ म्यूजियम प्रशासन ने कहा है कि दर्शनार्थी कैरी बैग (हैंगिंग बैंग व थेले) इत्यादि अपने साथ नहीं लेकर आएं। शराब पीकर आना और साथ लाने पर प्रवेश नहीं प्रशासन के निर्देशानुसार नवरात्रा के दौरान दर्शनार्थियों को शराब साथ लाने व शराब पीकर आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा। महिला और पुरुषों के प्रसाद चढ़ाने की यह रहेगी व्यवस्था दर्शन करने आने वाली महिलाओं के लिए नारियल बडा करने की व्यवस्था पट्टे पर की गई है और पुरुषों के लिए बसंत सागर के पास की गई है । मेहरानगढ़ म्यूजियम प्रबंधन व प्रशासन ने कहा है कि दर्शनार्थी अपने साथ पानी वाले नारियल के स्थान पर गोटे वाला प्रसाद लेकर आए जिससे उन्हें किसी प्रकार असुविधा नहीं हो। व्यवस्था के तहत चामुंडा माता में दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर में परिक्रमा वर्जित रहेगी।