जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की पूर्व जिला पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अफीम के साथ पकड़े गए पूर्व NSG कमांडो की संपत्तियों पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने पूर्व NSG कमांडो रहे अफीम तस्कर रतनसिंह जाट की लगभग दो करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के करीब 93 लाख रुपए कीमत के मकान को भी फ्रीज किया है। आरोपी को करीब दो महीने पहले अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त अभियान के तहत मंडोर और बनाड़ थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 68 एफ दो के तहत सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली से अनुमति मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे अब आरोपी बिना अनुमति अपनी संपत्ति किसी अन्य को ट्रांसफर्ड नहीं कर सकेगा। जानिए, क्या है पूरा मामला बता दें कि पुलिस को मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर 16 जुलाई की देर रात आरोपी रतन सिंह के ठिकाने पर दबिश दी गई थी। इस दौरान आरोपी के कब्जे से क्रेटा गाड़ी में रखी 8 किलो 264 ग्राम अफीम और 1 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए की नकदी बरामद की गई थी। इस मामले में बनाड़ पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच मंडोर थानाधिकारी को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त से चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। पुलिस द्वारा अधिग्रहित की गई कुल दो करोड़ रुपए की संपत्ति में एक करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए की नकद राशि और ग्राम नांदड़ी स्थित खसरा नंबर 81/1 के भूखंड संख्या 36 से 39 पर बना आलीशान रिहायशी मकान शामिल है, जिसकी वर्तमान कीमत 93 लाख 39 हजार 28 रुपए आंकी गई है। आरोपी रतन सिंह के खिलाफ पहले से भी मादक पदार्थ तस्करी के दो मामले दर्ज हैं। जमीन-प्लॉट खरीदने में निवेश की काली कमाई पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने तस्करी से हुई काली कमाई को जोधपुर जिले के अन्य स्थानों पर जमीन और भूखंड खरीदने में निवेश किया है, जिसकी गोपनीय तरीके से जांच की जा रही है। पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें जब्त करने की कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।