जोधपुर मंडल में रेलवे ने चार दिन के भीतर तीन बड़े इंजीनियरिंग कार्य पूरे किए। इस दौरान कुचामन यार्ड में 17 बॉक्स वाले रोड अंडर ब्रिज (RUB) का काम पूरा किया गया और डेगाना यार्ड में 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज (FOB) के 17 गर्डर लॉन्च किए गए। इसके साथ ही कुचामन सिटी–नया खारड़िया रेलखंड के बीच एक महत्वपूर्ण रेल पुल के पुराने स्टील गर्डर बदलकर पुल का सुदृढ़ीकरण किया गया। कुचामन यार्ड में 17 बॉक्स का RUB लॉन्च फुलेरा–जोधपुर रेललाइन के कुचामन यार्ड में किमी 51/3-4 पर चार रनिंग लाइनों के नीचे आरयूबी का निर्माण कट एंड कवर विधि से किया गया। इस कार्य में कुल 17 बॉक्स, जिनकी कुल बैरल लंबाई लगभग 26 मीटर है, लॉन्च किए गए। कार्य को दो चरणों में पूरा किया गया। 1 अक्टूबर को अप मेन एवं लूप लाइन के नीचे 9 बॉक्स लॉन्च किए गए। इसके लिए सुबह 4:30 बजे से शाम 4 बजे तक 11.5 घंटे का ब्लॉक लिया गया। इसके बाद 3 अक्टूबर को डाउन मेन एवं लूप लाइन के नीचे शेष 8 बॉक्स लॉन्च किए गए। इसके लिए सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 9 घंटे का ब्लॉक लिया गया। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि कार्य के दौरान सुरक्षा एवं गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। आवश्यक स्वीकृतियां, निर्माण सामग्री एवं मशीनरी पहले से उपलब्ध कराई गई थी। 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज के 17 गर्डर लॉन्च डेगाना यार्ड में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB) के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। यहां कुल 17 गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए। इनमें प्लेटफॉर्म संख्या 3 एवं 4 के बीच 32 मीटर स्पैन में 6 बॉक्स गर्डर तथा प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 के बीच 22 मीटर स्पैन में 11 I-Leaf गर्डर लॉन्च किए गए। गर्डर लॉन्चिंग का कार्य पूरा होने से FOB के निर्माण को गति मिलेगी और इसके पूर्ण होने पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म के बीच आवागमन के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा। रेल पुल के पुराने स्टील गर्डर बदले, पुल की क्षमता बढ़ेगी ब्रिज लाइन विभाग द्वारा कुचामन सिटी–नया खारड़िया के बीच किमी 43/8-9 पर स्थित ब्रिज संख्या 43 के डाउन मेन लाइन पर महत्वपूर्ण सुदृढ़ीकरण कार्य किया गया। 3 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक लिए गए 8 घंटे के ब्लॉक में 12.20 मीटर लंबे दो पुराने स्टील गर्डर हटाकर उनके स्थान पर 12.20 मीटर लंबे दो पीएससी स्लैब गर्डर लगाए गए। इसके साथ ही पुल के सब-स्ट्रक्चर की जैकेटिंग और बेड ब्लॉक बदलने का कार्य भी किया गया। पुराने MBG-1987 स्टील गर्डर के स्थान पर 25T-2008 पीएससी स्लैब गर्डर लगाए जाने से पुल की भार वहन क्षमता में सुधार होगा और संरचना की मजबूती व टिकाऊपन बढ़ेगा। सुरक्षित एवं आधुनिक रेल आधारभूत संरचना की दिशा में कदम जोधपुर मंडल में किए गए ये तीनों कार्य रेल आधारभूत संरचना को मजबूत, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यों के दौरान निर्धारित ब्लॉक अवधि का प्रभावी उपयोग करते हुए आवश्यक मशीनरी, सामग्री एवं मानव संसाधन की अग्रिम व्यवस्था की गई, जिससे कार्य निर्धारित समय में सफलतापूर्वक पूरे किए जा सके।