जोधपर में 20वां राजस्थान इंटरनेशनल फॉक फेस्टिवल (RIFF) 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक मेहरानगढ़ दुर्ग में आयोजित किया जाएगा। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में होने वाले इस फेस्टिवल में 250 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकार भाग लेंगे। इसमें अंतरराष्ट्रीय लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। फेस्टिवल के डायरेक्टर दिव्य भाटिया ने बताया कि जोधपुर रिफ के तहत चिली, कोलंबिया, अमेरिका, कनाडा, स्कॉटलैंड, फ्रांस, पोलैंड, फिनलैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के कलाकार इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। आयोजन में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों के साथ अलगोजा, भीम वाद्य और कुंगी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के वादक भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बीकानेर के मीर कलाकारों, अनीता डांगी, साज ग्रुप और मांगणियार कलाकार भोले खां मांगणियार की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहेंगी। बुक ऑफ क्वींस की होगी प्रस्तुति इस बार आयोजन में कुछ नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। पहली बार बेहना नाम से म्यूजिकल थिएटर नाटक प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी थीम अद्वैत पर आधारित है। इसके अलावा ‘बुक ऑफ क्वींस’ नाम से एक विशेष अंतरराष्ट्रीय सहयोगी प्रस्तुति होगी। इसमें कनाडा से आने वाली फ्रांसीसी मूल की फारसी भाषा में गाने वाली परजियन अहरानी कलाकार हिंदुस्तानी और राजस्थानी कलाकारों के साथ मंच साझा करेंगी। 50 से ज्यादा बाल कलाकार देंगे प्रस्तुति भाटिया ने बताया कि इस बार लोक कलाकारों की नई पीढ़ी को मंच देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक लोक कलाकारों के बच्चों और लोक कलाओं का प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने के अवसर सीमित रहे हैं। ऐसे में 24 अक्टूबर को 50 से अधिक बाल लोक कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसका उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। 20 सालों में राजस्थानी लोक कलाकारों को मिली नई पहचान भाटिया के अनुसार- पिछले करीब 20 सालों में जोधपुर रिफ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में राजस्थानी लोक कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना शामिल है। शुरुआत में बहुत कम लोग इन कलाकारों और उनके नामों से परिचित थे लेकिन लगातार हर वर्ष विभिन्न मंचों पर विशेष प्रस्तुतियों, सुबह के कार्यक्रमों, मुख्य मंच पर शाम की प्रस्तुतियों और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ सहयोग के जरिए राजस्थानी लोक कलाकारों को व्यापक पहचान मिली। आज भवानी देवी और भूले खां जैसे कलाकारों के नाम और उनकी कला को बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी जानते हैं। ये विदेशी कलाकार पहली बार आएंगे भारतीय दिग्गज कलाकार भी देंगे प्रस्तुति