मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शनिवार को जोधपुर दौरे पर रहे। मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट भवन के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण और मरम्मत कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए अलग इंजीनियरिंग विंग गठित करने की बात कही। वहीं उन्होंने उम्मेद अस्पताल का निरीक्षण किया और चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। 6 सैटेलाइट अस्पतालों में जल्द सिजेरियन सेक्शन की सुविधा शुरू करने की तैयारी है, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। शाम को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में जोधपुर, पाली एवं बालोतरा जिलों से संबंधित जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय सुधार से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में राजस्थान के मुख्य सचिव के स्तर पर एकीकृत समूह का गठन किया गया है। इस समूह द्वारा 20-सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया जाना है। उन्होंने बताया कि उच्चस्तरीय समिति के साथ विचार-विमर्श के उपरांत इस कार्ययोजना को आगामी सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने संबंधित विभागों को पारस्परिक समन्वय के साथ ठोस, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जमीनी स्तर पर कार्यों का किया निरीक्षण मुख्य सचिव ने बैठक से पूर्व बासनी-बेंदा एवं सालावास स्थित एसटीपी का दौरा कर वहां अपनाई जा रही उपचार प्रक्रियाओं एवं संयंत्रों की कार्यप्रणाली का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के संचालन, उपचार की प्रक्रिया और उपलब्ध क्षमता के समुचित उपयोग से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स (CETPs) के प्रभावी संचालन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी उपलब्ध उपचार क्षमता के समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया। नदी पुनर्जीवन एवं ड्रेनेज लाइन ट्रीटमेंट को मिलेगी प्राथमिकता बैठक में नदी पुनर्जीवन के लिए आवश्यक कार्यों, ड्रेनेज लाइनों के उपचार और प्रदूषित जल के वैज्ञानिक प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न स्रोतों से आने वाले अपशिष्ट एवं सीवेज के समुचित उपचार और उपचारित जल के निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रबंधन के लिए समन्वित दृष्टिकोण के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में जिला कलक्टर जोधपुर आलोक रंजन, जिला कलक्टर पाली डॉ. रविंद्र गोस्वामी, जिला कलक्टर बालोतरा सुशील कुमार, पुलिस आयुक्त,जोधपुर अंशुमान भोमिया, सीईओ जिला परिषद, जोधपुर आशीष कुमार मिश्रा, नगर निगम एवं जेडीए आयुक्त राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक,जोधपुर कमल शेखावत सहित राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पुलिस, डिस्कॉम,रीको, कृषि, नगर निगम, जल संसाधन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी जिला कलक्टर्स ने अपने जिलों से संबंधित जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय सुधार से जुड़े विषयों पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दी। बैठक में आगामी सप्ताह उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली कार्ययोजना के प्रमुख बिंदुओं, आवश्यक कार्यों की प्राथमिकता, विभागीय दायित्वों और क्रियान्वयन के रोडमैप पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव बोले- हाईकोर्ट भवन की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग विंग बनेगी राजस्थान हाईकोर्ट भवन का किया निरीक्षण सीएस वी. श्रीनिवास ने शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट भवन परिसर में स्थित म्यूजियम, डोम क्षेत्र और भवन के विभिन्न भागों में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने इन कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों में निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने और इनकी नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के निर्देश भी दिए। इंजीनियरों और मजदूरों की संख्या बढ़ाने का फैसला मुख्य सचिव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हाकोर्ट ने आगामी 15 सितंबर को राजस्थान के मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को हाईकोर्ट में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज हाईकोर्ट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट भवन के निर्माण कार्य में हुई कमियों के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही, भवन के मौजूदा कामों में तेजी लाने के लिए इंजीनियरों और मजदूरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हाईकोर्ट भवन के काम की निगरानी के लिए बनाई जाएगी इंजीनियरिंग विंग मुख्य सचिव ने बताया कि हाईकोर्ट भवन के काम की निगरानी के लिए एक खास इंजीनियरिंग विंग बनाई जाएगी। इसमें चार एईएन, एक एक्सईएन और एक एसई स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम हाईकोर्ट भवन में चल रहे कामों की लगातार निगरानी करेगी। उन्होंने बताया कि अभी तीन कोर्ट रूम और करीब 150 पैनलों पर काम चल रहा है। काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए इंजीनियर और मजदूर लगाए जाएंगे। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से 50 कोर्ट रूम वाली नई बिल्डिंग के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपए की डीपीआर का प्रस्ताव मिला है। सरकार इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगी। भवन निर्माण में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करेगी सरकार मुख्य सचिव ने साफ किया कि भवन निर्माण में जो भी लापरवाही या कमियां सामने आई हैं, उनमें जिम्मेदारी तय कर सरकार कार्रवाई करेगी। सरकार तथ्यों और अब तक किए गए कामों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जयपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद राजस्थान सरकार हाईकोर्ट में भवन की मरम्मत और दोबारा निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जोजरी नदी के संबंध में अलग-अलग हलफनामे पेश करेगी। चिकित्सा व्यवस्थाओं का लिया जायजा राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान जोधपुर की चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले उम्मेद अस्पताल का दौरा किया, जहा उन्होंने स्त्री रोग बहिरंग विभाग, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, गायनी आईसीयू, एचडीयू तथा पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड-1 एवं 3 सहित विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का सघन अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उसके बाद मुख्य सचिव ने एस.एन. मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अधिकारियों व फैकल्टी के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएस वी.श्रीनिवास ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य के लिए चलाए जा रहे प्रसव सखी, हाई-रिस्क प्रेगनेंसी मॉनिटरिंग, एंटीनेटल केयर तव कंगारू केयर जैसे नवाचारों की सराहना की। उम्मेद अस्पताल पर मरीजों का भारी दबाव मुख्य सचिव ने बताया कि उम्मेद अस्पताल पर मरीजों का भारी दबाव है, जहां कुल 5000 बेड्स में से लगभग 1100 बेड्स अकेले मैटरनल हेल्थ के लिए संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने 24 घंटे लगातार काम कर रहे डॉक्टर्स, एनेस्थिसियोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी की टीमों व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को बेहतरीन प्रबंधन के लिए बधाई दी। अस्पताल के वर्कलोड को कम करने के लिए मुख्य सचिव ने बिलाड़ा, भोपालगढ़, डांगियावास, पीपाड़ शहर, ओसियां और बालेसर स्थित सैटेलाइट अस्पतालों में ऑक्ज़िलरी स्ट्रेंथ बढ़ाने व सिजेरियन सेक्शनस को शीघ्र चालू करवाने की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया कि अस्पताल के सभी अधूरे प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। ये रहे बैठक में मौजूद बैठक में संभागीय आयुक्त केएल स्वामी, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, जिला परिषद सीईओ आशीष मिश्रा, मथुरा दास माथुर अस्पताल के अधीक्षक विकास राजपुरोहित, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बीएस जोधा, उमेद हॉस्पिटल के अधीक्षक मोहन मकवाना और महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक फतेह सिंह भाटी सहित विभिन्न अधिकारी बैठक में शामिल रहे। मुख्य सचिव से मिले नर्सिंगकर्मी, भर्ती समेत कई मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन मुख्य सचिव के मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जगदीश जाट के नेतृत्व में नर्सिंगकर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। नर्सिंगकर्मियों ने नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती मेरिट एवं बोनस के आधार पर करने, महात्मा गांधी अस्पताल में चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू करने और नर्सिंग निदेशालय की स्थापना सहित कई मांगें रखीं।