करौली जिले में विश्व रेबीज दिवस पर 2 दिन के जागरूकता कार्यक्रम हुए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को रेबीज से बचाव, पशु के काटने या खरोंचने पर शुरुआती इलाज और समय पर एंटी रेबीज टीका लगवाने की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने रेबीज की रोकथाम पर जोर दिया। डिप्टी हेल्थ अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश महावर ने बताया कि रेबीज इंसानों और जानवरों के लिए खतरनाक वायरल बीमारी है, पर समय पर इलाज से बचा जा सकता है। डॉ. महावर ने सलाह दी कि जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को साबुन और बहते पानी से 10-15 मिनट तक धोएं। इसके बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर की सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग ने एंटी रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स समय पर लेने को कहा। गलतफहमियों से बचें और पशु के संपर्क के बाद तुरंत डॉक्टर की मदद लें।