करौली नगरपरिषद में सभापति पद के चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भाजपा की ओर से वार्ड 50 से पार्षद वीरेंद्र शर्मा ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व उपसभापति और वार्ड 5 से पार्षद सुनील सैनी ने अपना नामांकन भरा है। दोनों उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी राकेश कुमार रावत को अपने नामांकन पत्र सौंपे। चुनाव परिणामों के मुताबिक नगर परिषद में कांग्रेस के 28, भाजपा के 11, बसपा के 1 और 15 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं। पहले पार्षद पद की शपथ ली, फिर भरा सभापति का नामांकन भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र शर्मा वार्ड 50 से पार्षद चुने गए हैं। सभापति पद के लिए नामांकन भरने से पहले उन्होंने पार्षद पद की शपथ ली। उनके साथ ही वार्ड 32 से चुने गए पार्षद सुशील शर्मा ने भी शपथ ली, जो उनके प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान भाजपा के चुनाव प्रभारी सुशील दीक्षित, शहर मंडल अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, जिला महामंत्री सुरेश शुक्ला, जितेंद्र पिचानौत, कपिल पाराशर और पार्षद बबलू शुक्ला सहित कई कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। पूर्व उपसभापति ने सभापति के लिए भरा नामांकन कांग्रेस की ओर से सुनील सैनी ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। सुनील सैनी पिछली नगर परिषद में उपसभापति रह चुके हैं। कांग्रेस ने वार्ड 5 से चुने गए पार्षद मुकेश सैनी को उनका प्रस्तावक बनाया है। कांग्रेस नेता हाजी रुखसार ने बताया कि पार्टी ने सभापति के लिए सुनील सैनी और उपसभापति के लिए उस्मान खान को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन के समय कांग्रेस नेता हाजी रुखसार, देवी सिंह, भंवर सिंह माली और पन्नू सिंह समेत अन्य नेता और समर्थक मौजूद थे। करौली नगर परिषद में कुल 55 वार्ड हैं। हाल ही में घोषित चुनाव नतीजों में कांग्रेस ने 28 वार्ड जीते, जबकि भाजपा को 11, बसपा को 1 और निर्दलीयों को 15 वार्ड मिले। अब सभापति पद के चुनाव में इन पार्षदों की भूमिका अहम होगी।