करौली जिले में सावन के आखिरी सोमवार को कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से मौसम में बदलाव देखा गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक जिले में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते कई बांध अभी भी पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। जिले में अब तक औसत बारिश का केवल 52 प्रतिशत ही पानी बरसा है। सीजन में सबसे ज्यादा बारिश श्रीमहावीरजी में हुई जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक बंसल के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सपोटरा में सर्वाधिक 45 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, करौली में 3 एमएम, हिंडौन में 1 एमएम, नादौती में 1 एमएम, श्रीमहावीरजी में 7 एमएम, पांचना बांध पर 3 एमएम, जगर बांध पर 20 एमएम और कालीसिल बांध पर 25 एमएम वर्षा हुई। इस मानसून सीजन में श्रीमहावीरजी क्षेत्र में अब तक सबसे अधिक 500 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 686 एमएम है, जबकि अब तक कुल 358.2 एमएम (52.2 प्रतिशत) बारिश ही हुई है। यह दर्शाता है कि जिला अभी भी औसत वर्षा के लक्ष्य से काफी पीछे है। पांचना बांध का जलस्तर 256.25 मीटर हुआ बारिश के बाद जिले के प्रमुख बांधों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। पांचना बांध का जलस्तर बढ़कर 256.25 मीटर हो गया है, जबकि इसकी अधिकतम भराव क्षमता 258.52 मीटर है। जगर बांध का जलस्तर 7.37 मीटर, कालीसिल बांध का 7.56 मीटर, नींदर बांध का 3.32 मीटर और मामचारी बांध का जलस्तर 3.65 मीटर दर्ज किया गया है। इससे पहले रविवार को दिनभर उमस और गर्मी का माहौल रहा था। सोमवार सुबह हुई इस बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।