खैरथल नगर परिषद में भाजपा पूर्व विधायक सहित कांग्रेस के पार्षद रामधन के परिजनों ने रामधन के अपहरण की रिपोर्ट शुक्रवार को दर्ज करवाई थी। एफआईआर में कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा सहित व्यापारियों पर अपहरण और धमकाने का आरोप लगाया। इसके विरोध में व्यापारियों के आह्वान पर शनिवार को खैरथल में बंद रखा गया है। अनाज मंडी, सब्जी मंडी, किरणा यूनियन, कन्फेक्शनरी, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन यूनियन, और 40 फीट रोड स्थित बाजार सहित प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है। व्यापारियों का कहना है कि निराधार आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। सभापति सहित व्यापारियों पर एफआईआर पार्षद के अपहरण की एफआईआर में पार्षद और संयुक्त व्यापार महासंघ खैरथल के अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, सिंधी समाज मुखी मनोहर लाल रोघा, व्यापारी सुमित रोघा, अनाज मंडी के आढ़त गिरीश डाटा और व्यापारी पद्म डाटा के नाम शामिल थे। व्यापारियों का कहना है कि उनपर निराधार आरोप लगाए जा रहे है। इसी के विरोध में सभी बाजार बंद रखे गए है। व्यापारियों का कहना है कि वे किसी भी प्रकार की दबावपूर्ण नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान व्यापारियों को निशाना बनाए जाने से बाजार में असंतोष का माहौल है। हाईब्रिड एंट्री मिली थी बता दें कि कांग्रेस ने वार्ड 37 से चुनाव हारने वाले ओमप्रकाश रोघा को हाईब्रिड एंट्री दी थी। निकाय चुनाव में कांग्रेस के 20, निर्दलीय 17 और भाजपा के 8 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बाद कांग्रेस नेता विक्रम सिंह चौधरी करीब 10 कुछ पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद उन्हें भाजपा ने सभापति पद का प्रत्याशी बनाया था। अनाज मंडी में मॉक ड्रिल को लेकर भी सवाल शुक्रवार को खैरथल अनाज मंडी परिसर में हुई मॉक ड्रिल को लेकर भी व्यापारियों और किसानों ने सवाल उठाए। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के समय ही मंडी परिसर में मॉक ड्रिल क्यों की गई, इससे व्यापारियों और किसानों में अनावश्यक भय का माहौल बना। शनिवार को बंद के दौरान अनाज मंडी परिसर में पुलिस की गाड़ी गश्त करती दिखाई दी। अब सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर टिकी हैं। पार्षदों के बीच चल रही राजनीतिक गतिविधियों और व्यापारियों के विरोध के बीच आने वाले दिनों में खैरथल की सियासत और गर्माने के आसार हैं।