खैरथल में नगर निकायों के अध्यक्ष पद चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम खैरथल पहुंचे। उन्होंने ग्रीनलैंड होटल में भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब साढ़े पांच घंटे बैठक की। यह बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और शाम 7:30 बजे तक चली। इसमें खैरथल नगर परिषद समेत जिले की सभी निकायों में भाजपा का बोर्ड बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खैरथल पहुंचने पर किशनगढ़बास के पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने गृह राज्य मंत्री बेढम का स्वागत किया। बैठक में अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, भाजपा जिला संगठन प्रभारी अशोक सैनी और खैरथल नगर परिषद भाजपा के चुनाव प्रभारी बलवान सिंह यादव समेत कई भाजपा नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। मंत्री बेढम ने बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, निकाय चुनाव की तैयारियों और पार्षदों के समर्थन पर फीडबैक लिया। जवाहर सिंह बेढम ने बताया - कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी संगठन पर विचार-विमर्श हुआ है। खैरथल-तिजारा जिले के सभी निकायों में भाजपा चुनाव जीतेगी। निर्दलियों को मनाने में लगी पार्टियां खैरथल नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव काफी चर्चा में है। यहां कुल 45 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव में भाजपा के 8, कांग्रेस के 20 और 17 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। सभापति के लिए बहुमत का आंकड़ा 23 है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। इस बीच, खैरथल नगर परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के बड़े चेहरे विक्रम सिंह चौधरी उर्फ विक्की चौधरी ने भाजपा जॉइन कर ली है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। इससे चुनावी समीकरण बदल गए हैं। भाजपा ने विक्रम सिंह चौधरी को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने ओमप्रकाश रोघा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। 21 सितंबर को होगा सभापति पद का फैसला
खैरथल नगर परिषद के सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमे अपने-अपने पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने में जुटे हैं। निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
दो पार्षदों के अपहरण के मामले से माहौल गरमाया
सभापति चुनाव से पहले खैरथल में दो पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर भी विवाद सामने आया है। वार्ड 3 के पार्षद रामधन और वार्ड 20 के पार्षद भगवानदास के अपहरण को लेकर उनके परिजनों की ओर से खैरथल थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं। मामलों में कांग्रेस नेताओं और व्यापारियों पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। शनिवार को बंद रहे बाजार
मामले को लेकर व्यापारियों में आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को खैरथल कस्बे के प्रमुख बाजारों के साथ अनाज मंडी और सब्जी मंडी में भी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने अनाज मंडी में पुलिस-प्रशासन की ओर से कराई गई व्यापारी के अपहरण की मॉक ड्रिल पर भी आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की मॉक ड्रिल से किसानों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हुआ है।