नागौर के खींवसर-GSS बाईपास रोड पर रिंग रोड निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि लोगों को लिए बड़ी परेशानी बन गया है। दरअसल, रिंग रोड निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 30 दिनों से 300 से 400 घरों में पानी की सप्लाई बंद होने का मामला सामने आया है। कई इलाकों में बंद हुई पानी की सप्लाई सबसे ज्यादा परेशानी रेगर, हरिजन, मेघवाल और नायक मोहल्लों के लोगों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की नियमित सप्लाई बंद होने के कारण उन्हें महंगे दामों पर टैंकर मंगवाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। कई परिवारों के पास पर्याप्त पानी नहीं होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार रिंग रोड निर्माण के दौरान लगातार मिट्टी की खुदाई की गई, जिससे क्षेत्र से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद से जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है, लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। 27 अगस्त को SDM को दिया था ज्ञापन, समाधान नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल संकट को लेकर उन्होंने 27 अगस्त को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई है। लोगों को लिए खतरा बने गहरे गड्ढें पेयजल संकट के साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सड़क किनारे किए गए गहरे गड्ढे भी लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। लोगों ने निर्माण एजेंसी पर शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त कर पेयजल सप्लाई बहाल करने की मांग की है। इसी के साथ चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रभावित लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।