कोटा में 25 सितंबर को निकलने वाली अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा इस बार भक्ति, शौर्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ नजर आएगी। देश की दूसरी सबसे बड़ी और राजस्थान की सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस शोभायात्रा में करीब 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस बार इसमें केरल का पारंपरिक युद्ध कौशल कलरी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगा। 90 अखाड़े और 200 झांकियां होंगी शामिल अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती के अनुसार, शोभायात्रा में करीब 90 अखाड़े, लगभग 200 झांकियां व अखाड़े, 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां शामिल होंगी। इस बार इसमें केरल के पारंपरिक युद्ध कौशल कलरी को भी शामिल किया गया है। शहर में करीब 150 स्वागत समितियां शोभायात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगी। जुलूस मार्ग पांच किलोमीटर लंबा है जिसे पूरा होने में दस से 12 घंटे का समय लगता है। दोपहर 11.30 बजे सूरजपोल गेट से शुरू होगी शोभायात्रा शोभायात्रा 25 सितंबर को दोपहर 11.30 बजे सूरजपोल गेट से रवाना होगी। इसके बाद यह मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, चरखंभा होते हुए रामपुरा और आर्य समाज मार्ग से बारहदरी पहुंचेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। शोभायात्रा में 200 सुरक्षा स्वयंसेवक और 150 महिला सुरक्षा स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। कई स्थानों पर गणपति विसर्जन की व्यवस्था लोगों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गणपति विसर्जन के लिए कई स्थानों पर व्यवस्था की गई है। बारहदरी, बारहदरी के दाएं-बाएं रैंप, महिला घाट, महिला घाट के बाईं ओर और सेवन वंडर्स पार्किंग स्थल समेत विभिन्न स्थानों पर विसर्जन की सुविधा रहेगी। बारहदरी के अलावा नए कोटा के भीतरिया कुंड क्षेत्र में दो अस्थाई कुंड बनाए गए हैं। वहीं मौजी बाबा की गुफा में भी गणपति विसर्जन के लिए अस्थाई कुंड तैयार किया गया है। जुलूस की पहली प्रतिमा विसर्जन स्थल पर करीब सात से आठ बजे पहुंचेगी। बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध गणपति विसर्जन स्थलों पर नगर निगम के वाहन उपलब्ध रहेंगे। बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन सहित आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में प्रशासन एवं निगम के वाहन विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रहेंगे। जो श्रद्धालु अपने गणपति की प्रतिमा का विसर्जन निगम के वाहनों के माध्यम से करवाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे श्रद्धालुओं को स्वयं प्रतिमा लेकर विसर्जन स्थल तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी ।