कोट शहर में बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की समस्या से राहत के लिए 280 करोड़ रुपए की फ्लड मिटिगेशन योजना तैयार की गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने यह योजना बनाई है। योजना के पहले चरण में राज्य सरकार ने राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे 4 प्रमुख नालों के निर्माण के साथ नॉन-स्ट्रक्चरल कार्य किए जाएंगे। पहले चरण में स्वामी दयानंद सरस्वती मार्ग के पास अल्हा उदल पार्क के समीप 3.80 करोड़ रुपए की लागत से नाला बनाया जाएगा। लाखावा तालाब कैचमेंट से एनएच-27 के सहारे नाला निर्माण पर 17.10 करोड़, जबकि आरएमसी केनाल रायपुरा से देवली अरब पुलिया तक नाला निर्माण पर 24.10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा विभिन्न नॉन-स्ट्रक्चरल कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं। दूसरे चरण में 29 किमी नालों का चैनलाइजेशन योजना के दूसरे चरण में शहर के 9 प्रमुख नालों की करीब 29 किलोमीटर लंबाई में चैनलाइजेशन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इसकी अनुमानित लागत 150.13 करोड़ रुपए है। 28 सितंबर को आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में हुई मूल्यांकन समिति की बैठक में KDA ने यह प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के तहत देवाशीष सिटी से कौटिल्य नगर होते हुए देवली अरब तक 4.50 किमी नाला/सेफ्टी वॉल बनाने पर 26.60 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रगति नगर से 80 फीट रोड तक 1.85 किमी नाला 8.45 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। वहीं तेखड़ा पुलिया से साकेत आवास तक 2 किमी नाला बनाने पर 7.86 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मानपुरा से बोरखंडी, वार्ड 19 कोटा उत्तर तक 3.15 किमी नाला 16.73 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित है। इसके अलावा दौलतगंज कैचमेंट एरिया से आंवली, रोझड़ी और नयागांव लिंक नाले तक 3.70 किमी नाला 19.21 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। बंधा-धर्मपुरा कैचमेंट एरिया से देव नारायण योजना के पीछे तक 4.85 किमी नाला बनाने के लिए 24.53 करोड़ रुपए, सूचना केंद्र से मालाफाटक पुलिया तक 2.45 किमी ड्रेन के लिए 13.52 करोड़ रुपए और एसपी ऑफिस सर्किल से माला रोड तक 2.10 किमी ड्रेन के लिए 10.92 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। वहीं रानपुर शैक्षणिक क्षेत्र से कोटा बाईपास एनएच-27 तक 4.40 किमी नाला 22.30 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है। तीसरे चरण में 80 करोड़ के काम पहले और दूसरे चरण में कुल 200 करोड़ रुपए के काम प्रस्तावित हैं। इनकी स्वीकृति के बाद शेष नालों के चैनलाइजेशन और सुदृढ़ीकरण के लिए तीसरे चरण में 80 करोड़ रुपए की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। तीनों चरण पूरे होने के बाद 280 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत शहर के प्रमुख जल निकासी मार्गों को मजबूत किया जाएगा। इससे बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर होने और जलभराव वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।