कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में महिला मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना पर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष शालिनी गौतम भी मौके पर पहुंची। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। महिला रेखा (32) संतोषी नगर इलाके की रहने वाली थी। उसके तीन बेटियां व एक बेटा है। रेखा को सांस में तकलीफ व बुखार की शिकायत होने पर 14 सितंबर से हॉस्पिटल में भर्ती थी। महिला के पहले टीबी की भी बीमारी थी। तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया था पति सुरेंद्र यादव ने बताया पत्नी रेखा को तीन साल पहले टीबी की बीमारी थी। जो ठीक हो गई थी। 14 सितंबर गणेश चतुर्थी के दिन उसकी तबीयत बिगड़ी, उसके हाथ पैर में दर्द था व बुखार था। सुबह 8-9 बजे करीब हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। दो दिन उसे सांस के वार्ड में रखा। डॉक्टर ने दोनों किडनी फेल होने की बात बताई। बाद में उसे ICU में शिफ्ट किया। रेखा को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बीपी भी काफी डाउन हो गया था। उसे दो मशीन के इंजेक्शन दिए जा रहे थे। देर रात 1 बजे करीब एक मशीन का इंजेक्शन खत्म हो गया। वार्ड में मौजूद स्टाफ से इंजेक्शन दोबारा लगाने को कहा। काफी मिन्नत करने के 15-20 मिनट बाद स्टाफ आया। उसने इंजेक्शन नहीं बदला। जबकि दूसरी मशीन का इंजेक्शन चल रहा था। तड़के करीब 5 बजे दूसरा इंजेक्शन भी खत्म हो गया। वार्ड स्टाफ को इसकी सूचना दी। काफी देर बाद वार्ड स्टाफ ने आकर मशीन को बंद कर दिया। इसके 10-15 मिनट बाद ही रेखा की मौत हो गई। बुलाने पर काफी देर तक वार्ड बॉय नहीं आया कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा हॉस्पिटल में लापरवाही की यह पहली घटना नहीं है। रात को पेशेंट का इंजेक्शन खत्म होने पर अटेंडर, वार्डबॉय को जगाने गया। काफी देर तक वार्ड बॉय नहीं आया। वार्ड बॉय नाइट ड्यूटी में सोने आते है क्या? वार्ड बॉय की जिम्मेदारी बनती है वो पेशेंट को देखें और उसके बारे में संबंधित डॉक्टर को बताएं। कुछ महीने पहले भी प्रसुताओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आए थे। अभी इनसे भी किडनी फेल होने की बात कही। ऐसी कौन सी दवा है जिससे किडनी फेल होती जा रही है। लापरवाही बरतने वाले पर कार्रवाई की मांग हमारी मांग है कि अगर वार्ड स्टाफ की लापरवाही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो। हमने अस्पताल प्रशासन से वार्ड बॉय का नाम व नंबर पूछे तो उन्होंने नहीं बताया। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया महिला के सांस की बीमारी थी। सीरियस हालत में हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी। पिछले दो दिन से जीवन रक्षक दवाइयां पर चल रही थी। लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है। क्योंकि आईसीयू में और भी पेशेंट भर्ती हैं। परिजनो के लिखित शिकायत देने पर मामले की जांच करवाई जाएगी।