कोटा में कोचिंग छात्रों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कड़ा शिकंजा कसा। प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देश पर लैंडमार्क स्थित कोचिंग क्षेत्र के बड़े हॉस्टलों और मैस में औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के हॉस्टल और मैस संचालकों में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा दल जब लैंडमार्क स्थित नवदुर्गा हॉस्टल की मैस में पहुंचा तो वहां हाईजीन और सैनिटेशन का स्तर खराब मिला। खाद्य सामग्री के स्टोर रूम में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी और चूहों के अपशिष्ट पड़े हुए मिले। छात्रों को परोसे जाने के लिए रखी गईं प्याज, टमाटर और लौकी जैसी लगभग 35 किलो सब्जियां पूरी तरह सड़ी-गली अवस्था में पाई गईं, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवाया। दालों के 40 सैंपल लिए हॉस्टल में न तो पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट मिला और न ही खाना बनाने वालों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट। यही नहीं, कचरा पात्र बिना ढंके थे और ड्रेनेज सिस्टम भी खुला हुआ था। कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न हॉस्टलों, एसआर रेजिडेंसी, कृष्ण फूड कॉर्नर, ट्रैफिक जेम टी स्टॉल, भुक्कड़ फूड फास्ट और लजीजो कैफे आदि का भी निरीक्षण किया। दल ने दही, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और विभिन्न दालों के कुल 40 सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला कोटा भिजवाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 3 घंटे तक रुककर कराई सफाई, तब मिली खाना बनाने की इजाजत नवदुर्गा हॉस्टल की स्थिति देखते हुए खाद्य सुरक्षा दल ने मौके पर खड़े रहकर लगातार 3 घंटे तक सफाई काम करवाया। फ्रिज, स्टोर और किचन की स्थिति दुरुस्त कराने के बाद ही मैस में खाना बनाने की अनुमति दी गई। इसके अलावा सिल्वर क्लाउड इन हॉस्टल की मैस में भी अनियमितताएं पाई गईं। यहां बिना ढंके डस्टबिन, खुला ड्रेनेज और गंदगी का आलम था। फूड हैंडलर्स बिना हेयर कैप और ग्लव्स के खाना बना रहे थे। दोनों ही हॉस्टलों में नियमानुसार खाद्य लाइसेंस भी मुख्य प्रदर्शित भाग पर नहीं लगाए गए थे। 15 दिनों का इंप्रूवमेंट नोटिस, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी खाद्य सुरक्षा दल ने कहा- ऐसी परिस्थितियों में तैयार भोजन छात्रों में गंभीर बीमारियां फैला सकता है। छात्र हित को देखते हुए हॉस्टल मालिकों और मैस संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किए हैं। अगर 15 दिनों में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो हॉस्टल मालिक और मैस संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत 5 स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया, जहां स्कूली बच्चों को गुड फूड और बैड फूड खान-पान के अंतर के बारे में जागरूक किया गया।