कोटा नगर निगम में 100 वार्ड में पार्षद चुनने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। चुनावी मैदान में 373 प्रत्याशी हैं। इनमें कांग्रेस-भाजपा के 100-100 उम्मीदवार और 173 प्रत्याशी निर्दलीय और अन्य पार्टी से हैं। इनकी किस्मत का फैसला 8 लाख 26 हजार 923 मतदाता करेंगे। इनमें 39% वोटर 35 साल से कम उम्र के हैं। निगम के 22 वार्डों में कांग्रेस-बीजेपी में आमने-सामने की टक्कर है। चुनाव के रिजल्ट 14 सितंबर को आएंगे। मेयर पद के लिए 21 सितंबर और डिप्टी मेयर पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव होंगे। कोटा में मेयर पद ओबीसी महिला के लिए रिजर्व है। 39% वोटर 35 साल से कम उम्र के कांग्रेस में इनकी प्रतिष्ठा दांव पर शांति धारीवाल- कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर गुटबाजी सामने आई थी। मामला हाई कमान तक पहुंचा। धारीवाल के उत्तर विधानसभा के 30 वार्ड में 12 बागी खड़े हैं। पिछली बार कोटा उत्तर निगम में एक तरफा जीत मिली थी। दक्षिण में भी महापौर बनाने में कामयाबी मिली थी। प्रहलाद गुंजल - लोकसभा प्रत्याशी रहे। टिकट वितरण को लेकर गुंजल के खिलाफ विधायक और जिलाध्यक्ष एक हो गए। बाद में गुंजल ने दिल्ली जाकर प्रियंका गांधी से मुलाकात की। राखी गौतम - शहर कांग्रेस की जिलाध्यक्ष हैं। दो बार कोटा दक्षिण से विधायक प्रत्याशी रह चुकीं। दक्षिण में प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी। कोटा दक्षिण में भी 6 बागी मैदान में हैं। नईमुद्दीन गुड्डू- कोटा में पार्टी का मुस्लिम चेहरा हैं। लाडपुरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके। लाडपुरा में प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी। लाडपुरा में 3 बागी मैदान में हैं। भाजपा में इनकी प्रतिष्ठा दांव पर संदीप शर्मा - कोटा दक्षिण से विधायक हैं। इस बार दक्षिण में कांटे का मुकाबला हैं। ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशियों को जिताने का दबाव। पिछली बार कांग्रेस ने बीजेपी के गढ़ कोटा दक्षिण में सेंध लगाई थी। कल्पना देवी - लाडपुरा से विधायक हैं। टिकट वितरण में महत्व मिला। कैंडिडेट्स को जिताने का दबाव। पिछली बार कोटा उत्तर निगम में केवल 14 पार्षद ही जीत सकें थे। राकेश जैन - शहर भाजपा अध्यक्ष हैं। काफी समय पहले चुनाव तैयारी में जुट गए थे। कोटा उत्तर में टिकट वितरण में महत्व मिला। अब उम्मीदवारों को जिताने का दबाव। पिछली बार कोटा उत्तर निगम में केवल 14 पार्षद ही जीत सकें थे। मदन दिलावर - निगम के 6 वार्ड रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। मंत्री मदन दिलावर लगातार इन वार्डों में सक्रिय रहे। कोटा नगर निगम के इतिहास में यह चौथी बार होगा, जब शहर की कमान महिला के हाथ होगी। इस बार महापौर का पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित तय किया गया है। 5 हजार जवान, संवेदनशील वार्डों में ड्रोन से निगरानी चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी तैयारी कर ली हैं। सभी बूथों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की हैं। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए RAC की 4 कंपनियों और 700 होमगार्ड समेत 5 हजार जवानों को तैनात किया गया है। संवेदनशील वार्डो में ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। हर मतदान केंद्र पर एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड का जवान तैनात रहेगा। जिस भवन में मतदान केंद्र है वहां तीन से चार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। हर दो भवनों के बीच पुलिस की एक गश्ती जीप तैनात रहेगी। इसके अलावा थाना अधिकारी डीएसपी अतिरिक्त पुलिस बल लगातार क्षेत्र में राउंड पर रहेंगे। शहर के संवेदनशील वार्डो में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इन इलाकों में ड्रोन कैमरा और सीसीटीवी के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। गश्ती टीमों के साथ कैमरामैन भी मौजूद रहेंगे। मतदान के बाद जहां मतपेटियां रखी जाएगी। वहां हथियार बंद जवानों का कड़ा पहरा रहेगा। निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़ी, भाजपा ने प्रत्याशी बनाया:12 पार्षद को दोबारा मौका मिला, 3 की पत्नी को टिकट; गोपाल मंडा 5वीं बार मैदान में गिफ्ट शॉप संचालक की पत्नी को टिकट,पूर्व डिप्टी मेयर आउट:वकीलों और Gen Z को भी मौका; जानिए अपने वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी की प्रोफाइल बीजेपी ने कबाड़ी-मजदूर तक को दिया टिकट:आंगनबाड़ी और सिलाई का काम करने वाली महिलाओं को बनाया दावेदार; जानिए- 100 प्रत्याशियों की प्रोफाइल कोटा में कांग्रेस-BJP के 17 प्रत्याशी करोड़पति:एक उम्मीदवार के पास 1.20 करोड़ की गाड़ियां तो एक प्रत्याशी के पास बाइक तक नहीं कोटा-बीजेपी के 26,कांग्रेस के 28 प्रत्याशियों के पास सोना नहीं:6 महिलाओं के पास भी गहने नहीं; एक प्रत्याशी और उसकी पत्नी के पास 1 किलो सोने गहने भाजपा-कांग्रेस के 13-13 प्रत्याशी 10वीं पास भी नहीं:दोनों दलों के 18 कैंडिडेट सिर्फ साक्षर, जानिए किस पार्टी में कितने पढ़े-लिखे चेहरे अब पढ़िए, उम्मीदवारों की पूरी डिटेल...