कोटा में हत्या के करीब 7 साल पुराने मामले में न्यायालय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम 1 ने फैसला सुनाया हैं। कोर्ट ने हत्या के 7 दोषियों क़ो आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। ट्रायल के दौरान एक आरोपी महावीर की मौत हो गई थी। कोर्ट ने उसके खिलाफ कार्रवाई ड्राप कर दी थी। दोषियों ने जमीन एग्रीमेंट विवाद क़ो लेकर सत्यनारायण गुर्जर (45) मिवासी जागलियाहेड़ी की गंडासी, सरिया व पत्थर हमला कर हत्या कर दी थी। कोर्ट ने देवकिशन, उसके भाई मुरारी, मामा देवीलाल, धनराज, बाबूलाल, यादराम, भोजराज, क़ो सजा सुनाई आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। सभी पर 17500-17500 का अर्थदंड लगाया है। जबकि एक आरोपी धनपाल क़ो संदेह के लाभ में बरी किया हैं। फरियादी के वकील रोहित सिंह राजावत ने बताया घटना मई 2019 की हैं। खोदयाखेड़ी निवासी भरत राज ने 5 मई क़ो कैथून थाना में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि सत्यनारायण उसका ममेरा भाई हैं। सत्यनारायण की आरोपी देवकिशन से पहचान हैं। देवकिशन के दादा की जमीन अर्जुनपूरा हैं। इसी जमीन क़ो खाते लगवाने के लिए देवकिशन ने सत्यनारायण से संपर्क किया था। दोनों के बीच में काम पूरा होने पर लेन देन की बात हुई थी। कुछ समय बाद ही देवकिशन ने किसी दूसरे व्यक्तिओ से एग्रीमेंट कर लिया। इस बात का सत्यनारायण क़ो पता लगा तो उसने विरोध जताया। 4 मई क़ो सत्यनारायण अपने दोस्त धर्मराज, भूरिया के साथ दूधियाखेड़ी माता जी के दर्शन करके आए। उसी समय देवकिशन मिला। सत्यनारायण ने देवकिशन से कहा तुम लोगों ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया। तुम लोगों ने जमीन की लिखा पड़ी( एग्रीमेंट) करवा कर मुझे बदनाम कर दिया। ये कहते ही देवकिशन गाली निकालने लगा। उस समय तो आपसी समझाइश से मामला सुलझ गया। शाम को सत्यनारायण अपने दोस्त नंदकिशोर के साथ अपने गांव जागलियाहेड़ी आ रहा था। देवली से आमली के बीच देवकिशन, उसका भाई मुरारी, मामा देवीलाल, सहित 8-10 लोग हथियार लिए घात लगाए बैठे थे। उन्होंने सत्यनारायण पर अचानक से हमला कर दिया। सत्यनारायण को जमीन पर पटक कर गंडासी, सरिए से हमला किया। फिर पत्थरों से सिर कुचल दिया। हॉस्पिटल लाते ही सत्यनारायण ने दम तोड़ दिया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 44 गवाहों के बयान करवाए और 100 से ज्यादा दस्तावेज़ पेश किए।