नगर निगम चुनाव में अब सिर्फ एक दिन का समय रह गया है। अब चुनावी मैदान में डटे प्रत्याशी, पार्टीयों के नेता वार्डों के बनते बिगड़ते समीकरणों की जानकारियां कर रहे हैं। कोटा में 100 वार्डों में से 29 वार्ड ऐसे हैं जहां नेक टू नेक फाईट होगी, यानी दोनों दलों के बीच कड़े मुकाबले, हार जीत का अंतर काफी कम रहने और निर्दलीय प्रत्याशियों के उतरने से बनते बिगड़ते समीकरण सामने आ रहे है। वहीं कोटा में इस बार मेयर का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में दोनों पार्टीयों के प्रत्याशियों की नजर वार्डों पर है लेकिन कोटा में मेयर हाईब्रिड सिस्टम से भी बनाया जा सकता है, यानी पार्षद का चुनाव लड़े बिना भी मेयर का नाम सामने आ सकता है। वार्ड नंबर 1 से 3 और 6 में कांटे की टक्कर वार्ड नंबर एक में कांग्रेस से शीतल प्रकाश मीणा और बीजेपी से ज्योतु प्रकाश के बीच कड़ा मुकाबला है। लेकिन यहां पर रूपचंद मीणा भी चुनावी मैदान में है। वहीं वार्ड नंबर 2 में देवबाई गुर्जर कांग्रेस से चुनावी मैदान में है। पहले पति पार्षद रह चुके हैं। वहीं भाजपा ने पारस कंवर को चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन यहां पर माया गुर्जर भी चुनावी मैदान में हैं। यहां दो गुर्जर प्रत्याशी होने के चलते गुर्जर वोटों के बंटने की स्थिति बनी हुई है। वार्ड 3 में चार बीजेपी से सोसर बाई और कांग्रेस से अनीता भील आमने सामने है। निर्दलीय के रूप में नम्रता मीना और मुस्कान मीना चुनावी मैदान में है। दोनों युवा चेहरे हैं और वार्ड में सक्रिय भी है। ऐसे में यहां पर बीजेपी कांग्रेस का मुकाबला दोनों निर्दलीयों के साथ भी है। वार्ड नंबर 6 में कांग्रेस से आईना महक जो कि पूर्व कैथून चेयरपर्सन है और भाजपा से मोहम्मद निजाम जे पूर्व पार्षद रह चुके है। इस वार्ड में दो पूर्व कद्दावर चेहरों के बीच सीधी भिड़ंत है। हालांकि, निर्दलीय सद्दाम हुसैन के चुनाव लड़ने से वोट कटने की संभावना बनी हुई है। वार्ड 8, 11,13, 19, 25,26 में निर्दलीय बिगाड सकते हैं समीकरण वार्ड नंबर आठ में कांग्रेस से मयूरी मेहरा चुनाव लड़ रही हैं। वहीं बीजेपी से सुगना चुनावी मैदान में है। इन दोनों के बीच टक्कर होने के साथ साथ यहां पर दो निर्दलीय बजरंगी और सरिता भी चुनावी मैदान में है। ऐसे में यहां पर भी दोनों पार्टीयों के वोट बिखरने की आशंका है। वहीं वार्ड 11 में कांग्रेस से कमलेश कुमारी और बीजेपी से सुमन नायक के बीच कड़ा मुकाबला है। वार्ड 13 में बीजेपी से दिनेश सरसिया और कांग्रेस के फेजल बेग में कांटे की टक्कर है। 19 में कांग्रेस की आशा जैन और भाजपा के राकेश सुमन के बीच कड़ा मुकाबला है। लेकिन यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों के चलते दोनों ही पार्टी बैचेन है, भंवरलाल समुन, निखिल गौतम, दलपत सिंह राठौड़ समेत अन्य निर्दलीय चुनौती पेश कर रहे हैं। वार्ड नंबर 25 में बीजेपी से जालिम सिंह और कांग्रेस से लच्छो चुनाव लड रही है। इस वार्ड में ज्यादातर बस्तियों का इलाका है जहां कांग्रेस का कोर वोटर है। ऐसे में यहां भी दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर है, हालांकि यहां से दो निर्दलीय भी है। वार्ड 26 में तीन प्रत्याशी मैदान में है। कांग्रेस से संजीदा और बीजेपी से रामभरोसी चुनाव लड़ रही है। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला है। वार्ड 33, 39,47,48,51,55 में पूर्व पार्षद-कांग्रेस जिलाध्यक्ष का वार्ड वार्ड 33 में बीजेपी से ओमप्रकाश और कांग्रेस से जसवंत चुनाव लड रहे हैं। यहां पर महेन्द्र कुमार और कृष्ण मुरारी भी निर्दलीय चुनावी मैदान में है। यहां कांटे की टक्कर रहने वाली है क्योंकि निर्दलीय दोनों ही दलों को नुकसान कर सकते है। वार्ड 39 में कांग्रेस की पूर्व पार्षद चेतना माथुर और बीजेपी से आशा के बीच कांटे की टक्कर है। वार्ड 47 में कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुकाबला है। यहां से कांग्रेस से जमना बाई और बीजेपी से नीतूं कंवर मैदान में है, जमना पहले भी पार्षद रह चुकी है। वार्ड 48 में पांच प्रत्याशी मैदान में है। इनमें बीजेपी के युसुफ कडक और कांग्रेस से इनायत चुनाव लड़ रहे है। युसुफ पूर्व में पार्षद रह चुके है। इस बार दोनेां में कड़ा मुकाबला है लेकिन तीन निर्दलीय होने से समाज के वोट कटेंगे। वार्ड 51 में बीजेपी से देवेन्द्र और कांग्रेस से योगेश विजय चुनाव लड़ रहे है। वार्ड कांग्रेस जिलाध्यक्ष का है, ऐसे में यहां कड़ा मुकाबला है। वार्ड 55 में कांग्रेस से मनीष और बीजेपी से मिलाप के बीच टक्कर बनी हुई है। वार्ड 58, 59,60,79,82 में भीतरघात का हो सकता है खतरा वार्ड 58 मे कांग्रेस से जोगेन्द्र बीरवाल और बीजेपी से सुरेश चुनावी मैदान में है। सुरेश पहले पार्षद रह चुके हैं, हालांकि इस बार यहां पर पहले निर्दलीय लड़ चुके उम्मीदवार ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। ऐसे में यहां पर कांटे की टक्कर है। वार्ड 59 में कांग्रेस से भावना और बीजेपी से मोनिका चुनाव लड रही है। इनके अलावा तीन अन्य प्रत्याशी मैदान में है। वार्ड 60 में कांग्रेस से तरन्नुम और बीजेपी से अदा भाटी चुनाव लड रही है। यहां पर आप पार्टी भी चुनाव लड रही है। लेकिन टक्कर बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच सीधी है। वार्ड 79 में बीजेपी से मोहन लाल और कांग्रेस से लोकेश सुमन के बीच कांटे टक्कर है। वार्ड 82 में कांग्रेस की रेहाना और बीजेपी की अमरीन के बीच टक्कर है। वार्ड 88 पर सबकी नजर वार्ड 88, यह वार्ड शहर का सबसे चर्चित हॉट वार्ड बना हुआ है। वजह यह है कि यहां कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम का टिकट काटकर नया प्रयोग किया है। शालिनी इस वार्ड से पूर्व में पार्षद रह चुकी है। लेकिन पार्टी ने यहां से प्रांजलि को मैदान में उतारा है। यहां बीजेपी से मंजू देवी चुनाव लड़ रही है। दोनों के बीच सीधी और कांटे की टक्कर है। यहां शालिनी का टिकट कटा उसके बाद उन्होंने वार्ड में पार्टी के लिए प्रचार नहीं किया जबकि दूसरे वार्डो में प्रचार कर रहीं है। वहीं बीजेपी यहां इसी का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। वार्ड 89 में बीजेपी के पुरूषोम और कांग्रेस की प्रतिभा के बीच कडी टक्कर है। वार्ड 90 में बीजेपी से कीर्ति गौतम और कांग्रेस से टीना चुनाव लड रही है दोनों में कांटे की टक्कर है। वार्ड 91, 92,92,93,99,100 में अनुभवियों और निर्दलीय मैदान में वार्ड 91 से बीजेपी के गोपाल मंडा,कांग्रेस से संजय यादव चुनाव मैदान में है। मंडा पूर्व में पार्षद रह चुके है और संजय सहवरित पार्षद रह चुके है। गोपाल मंडा का इस बार वार्ड बदला है। इस वार्ड में दोनों के बीच कडी टक्कर है। वार्ड 92 में कांग्रेस के पदम और बीजेपी के मुकेश शर्मा के बीच टक्कर है। इसके अलावा चार निर्दलीय भी मैदान में है। वार्ड 93 में नंद कंवर हाडा और कांग्रेस की मेघा के बीच सीधा मुकाबला है। वार्ड 99 में कांग्रेस के कुलदीप और बीजेपी के हेमराज के बीच टक्कर है। लेकिन यहां पर भी आप, लोकताँत्रिक पार्टी और एक निर्दलीय मैदान में है। वार्ड 100 में बीजेपी से रवि और कांग्रेस से हेमराज चुनाव लड़ रहे है। दोनों के बीच मुकाबला है, तीन निर्दलीय मैदान में है।