कोटा में पंचायत चुनाव की हलचल के बीच गांव की चौपाल पर जिला प्रमुख और प्रधानों को लेकर चर्चा होने लगी है। जिला प्रमुख के चुनाव को लेकर सांगोद क्षेत्र में ज्यादा विकल्प नजर आ रहे हैं। चेचट और खैराबाद में जिला प्रमुख पद के लिए एक-एक सीट अनारक्षित ओपन रखी गई है। ऐसे में गांव की सरकार के चुनाव में क्षेत्र के दो मंत्रियों की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर मानी जा रही है। इस बार लॉटरी में जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। ऐसे में जिला परिषद के 25 वार्डों में से 13 वार्ड में से जीतकर आने वाली सदस्य में से एक मुखिया बनेगी। लॉटरी में 6 वार्ड अनारक्षित महिला और 7 वार्ड अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व हुए हैं। सांगोद में ज्यादा ऑप्शन सांगोद में जिला परिषद के 5 वार्ड है। इसलिए जिला प्रमुख के लिए सांगोद में ज्यादा ऑप्शन हैं। यहां अनारक्षित ओपन के तीन वार्ड (11,13 व 14) जबकि अनारक्षित महिला के दो वार्ड (12 व 15) है। जबकि लाड़पुरा पंचायत समिति में वार्ड 2 व 3 अनारक्षित महिला, सुल्तानपुर पंचायत समिति में अनारक्षित महिला के लिए वार्ड 16 व वार्ड 23 अनारक्षित ओपन है। इटावा पंचायत समिति में वार्ड 19 अनारक्षित महिला व वार्ड 20 अनारक्षित ओपन है। चेचट में वार्ड 6 और खैराबाद में वार्ड 8 अनारक्षित ओपन है। मंत्री-विधायकों पर अपनी-अपनी पार्टी का प्रधान-जिला प्रमुख बनाने का दबाव पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ क्षेत्र के मंत्री और विधायकों पर अपनी अपनी पार्टी का प्रधान और जिला प्रमुख बनाने का सियासी दबाव बन गया है। शिक्षा मंत्री व पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सामने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन की चुनौती हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, सांगोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। सुल्तानपुर पंचायत समिति की कुछ ग्राम पंचायतें सांगोद में आती है। नगर पालिका चुनाव में मंत्री हीरालाल ने सांगोद के साथ साथ इटावा की भी कमान संभाली थी। पंचायत चुनाव में भी मंत्री हीरालाल नागर पर भाजपा का परचम लहराने की दोहरी जिम्मेदारी रहेगी। नागर ने क्षेत्र में मीटिंग करना शुरू कर दिया। पिछले चुनाव में सांगोद और इटावा में भाजपा का प्रधान बना था। दिलावर के पास खैराबाद और चेचट में जीत दिलाने की दोहरी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री व पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में खैराबाद और चेचट पंचायत समिति आती है। पिछली बार खैराबाद में भाजपा ने प्रधान बनाया था। इस बार चेचट नई पंचायत समिति बनी है। इस बार मंत्री दिलावर के पास खैराबाद और चेचट में जीत दिलाने की दोहरी जिम्मेदारी हैं। मंत्री दिलावर रामगंजमंडी में कैंप किए हुए हैं। खैराबाद और चेचट में लगातार बैठकें कर रहे हैं। हाल ही में नगर पालिका चुनाव में रामगंजमंडी और सुकेत में भाजपा बोर्ड बनाने में कामयाब हुई है। पिछले चुनाव में कांग्रेस केवल लाड़पुरा पंचायत समिति में प्रधान बनाने में कामयाब हुई थी। नईमुद्दीन गुड्डू चुनाव जीतकर प्रधान बने थे। इस बार आरक्षण के नई गणित से लाड़पुरा में उलटफेर देखने को मिला। सीट सामान्य महिला के लिए रिजर्व हुई है। लाड़पुरा से भाजपा विधायक कल्पना देवी के सामने अपने क्षेत्र में बीजेपी का प्रधान बनाने की कड़ी चुनौती रहेगी। पिछली बार इटावा और सुल्तानपुर में भाजपा ने अपना प्रधान बनाया था। इस बार पीपल्दा से कांग्रेस के इकलौते विधायक चेतन पटेल के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने का दारोमदार है। इटावा नगर पालिका चुनाव में भाजपा से दो सीटें ज्यादा जीतने के बाद भी कांग्रेस बोर्ड नहीं बना सकी। उल्टा एक पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की। सुल्तानपुर में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बोर्ड नहीं बन पाई। कांटे के मुकाबले में कांग्रेस को भाजपा से दो सीटें कम मिली थी। भाजपा-कांग्रेस में जिला प्रमुख के दावेदार कांग्रेस में जिला परिषद सदस्य नीलिमा सोनी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पूजा सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य निकिता हाडा, जिला परिषद सदस्य उमा सिंघल, रेणू चौधरी जिला प्रमुख की दावेदार हैं, जबकि भाजपा में जिला परिषद सदस्य प्रेरणा गौतम, प्रियंका कौशिक, इटावा प्रधान रजनी सोनी पंचायत समिति सदस्य रेखा शर्मा, सुल्तानपुर प्रधान कृष्णा शर्मा के नाम चर्चा में है।