कोटा नगर निगम के वार्ड 92 से कांग्रेस प्रत्याशी रहे एडवोकेट पदम गौतम ने निर्वाचित भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा के निर्वाचन को चुनौती दी है। गौतम ने एडवोकेट मनीष गुप्ता, हरीश शर्मा और अख्तर खान अकेला के माध्यम से कोटा जिला न्यायालय (डीजे कोर्ट ) में चुनाव याचिका दायर की है। इसमें भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की मांग की है। मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। एडवांकेट अख्तर खान अकेला ने बताया- याचिका में भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा के साथ अन्य प्रत्याशी धनराज शर्मा, अनिल कुमार, भानु प्रताप सिंह और सुरेश कुमार वैष्णव, भरत कुमार शर्मा सहित निर्वाचन अधिकारी रवि वर्मा व कोटा शहर और ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को पक्षकार बनाया है। वहीं वार्ड 92 से भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा ने कहा- हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। NDPS मामले की जानकारी छिपाने का आरोप याचिका के अनुसार- भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा के खिलाफ देवली मांझी थाना क्षेत्र में 19 जनवरी 2021 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत एफआईआर ( 13/2021) दर्ज हुई थी। मामले में जांच के बाद चालान पेश किया गया 18 अप्रैल 2023 को आरोप भी तय हो चुके थे। पदम गौतम का आरोप है कि नामांकन दाखिल करते समय यह आपराधिक प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद इसकी जानकारी छिपाई गई। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मुकेश शर्मा ने कोटा नगर पुलिस से चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। नामांकन पहले अस्वीकृत, बाद में स्वीकृत करने का आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन की जांच के दौरान आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद निर्वाचन अधिकारी ने इस पर सुनवाई नहीं की। गौतम के अनुसार- ऑनलाइन अपराध संबंधी जानकारी सामने आने पर मुकेश शर्मा के आवेदन पर पहले 'अस्वीकृत' लिखा गया था, लेकिन बाद में 'अस्वीकृत' शब्द में काट-छांट और ओवरराइटिंग कर नामांकन को स्वीकृत कर दिया गया। याचिका में इसे निर्वाचन प्रक्रिया और नगर पालिका निर्वाचन कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कहा गया कि नामांकन स्वीकार किए जाने से चुनाव परिणाम पर 'मटेरियल इफेक्ट' पड़ा और चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। पदम गौतम ने न्यायालय से मुकेश शर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की मांग की है।