कोटपूतली में यादव महासभा समिति ने उप जिला कलक्टर और जनगणना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि यादव समुदाय की सभी उपजातियों को सरकारी दस्तावेजों और आगामी जनगणना में केवल 'यादव' श्रेणी में दर्ज किया जाए। समिति अध्यक्ष रामावतार यादव (गुरुजी) के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि देश में यादव समुदाय अभी 57 अलग-अलग उपजातियों के नाम से दर्ज है। महासभा का कहना है कि उपजातियों में बंटा डेटा समाज की वास्तविक संख्या सामने नहीं आने देगा, इसलिए 2027 की जनगणना में सिर्फ 'यादव' लिखा जाए। इस विषय पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के पदाधिकारियों की 1 जुलाई को दिल्ली में रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना कमिश्नर से बातचीत भी हुई है। महासभा ने पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। सदस्य गांवों में जाकर लोगों को जनगणना के दौरान जाति वाले कॉलम में केवल 'यादव' लिखवाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान कई पदाधिकारी मौजूद रहे।