नागौर की कुचेरा नगर पालिका चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस में पार्षदों की बाड़ेबंदी और एक पार्षद दंपती के लापता होने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कुचेरा पुलिस शनिवार को वार्ड नंबर 9 से विजयी पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के कथित अपहरण के मामले में नामजद चेयरमैन प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा की तलाश में नागौर पहुंची। पुलिस यहां बीकानेर रोड स्थित उस होटल पहुंची, जहां बाड़ेबंदी होने की आशंका के चलते पिछले दिन भी पुलिस मौजूद रही थी। पुलिस ने होटल के बाहर तेजपाल मिर्धा के नाम का नोटिस चस्पा किया। हालांकि शनिवार को तेजपाल मिर्धा होटल में नहीं मिले। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को भी होटल पहुंचकर लिम्बाराम और उनकी पत्नी को पेश करने के लिए कहा था। पुलिस के अनुसार तेजपाल मिर्धा ने शाम 4 बजे तक दोनों को पेश करने की बात कही थी, लेकिन बाद में दोनों को पुलिस के सामने पेश नहीं किया गया। सवाल: नामजद आरोपी से पूछताछ के बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं? इस पूरे मामले में अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता और लिम्बाराम के साले महेंद्र का आरोप है कि पुलिस को तेजपाल मिर्धा के होटल में मौजूद होने की जानकारी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। अब शनिवार को पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए होटल पहुंची, लेकिन तब तक वे वहां नहीं मिले। महेंद्र का कहना है कि दो दिन बीतने के बाद भी उनकी बहन और जीजा का पता नहीं चल पाया है। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपी के सामने होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी।