लैंड यूज चेंज की प्रक्रिया के लिए अब विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने कृषि भूमि का भू-रूपांतरण के लिए नए नियम बनाए हैं। नए नियमों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में लैंड कन्वर्जन के लिए ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के तुरंत बाद लैंड यूज चेंज की परमिशन जारी हो जाएगी। आवेदन के बाद 30 दिन में लैंड यूज कन्वर्जन करना होगा, अन्यथा आवेदन को ऑटोमेटिक लैंड यूज चेंज माना जाएगा। ये नियम 2 नवंबर से प्रदेश में लागू होंगे। निकाय, यूआईटी, पालिका और डेवलपमेंट अथॉरिटी के क्षेत्राधिकार में ये नियम लागू नहीं होंगे। हालांकि आवेदक द्वारा गलत जानकारी देने पर अनुमति रद्द कर प्रीमियम का 2 गुना जुर्माना और बिना अनुमति उपयोग पाए जाने पर 4 गुना जुर्माना लगेगा। इस आदेश के खिलाफ आवेदक 30 दिन मे कलेक्टर के यहां ऑनलाइन अपील कर सकता है। ऐसे कन्वर्जन पर शून्य दर {500 वर्ग मीटर तक जमीन पर निवास, मवेशी शेड या स्टोर हाउस निर्माण करने पर अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की व्हाइट या ग्रीन कैटेगरी के उद्योग, एससी/एसटी द्वारा अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयोग स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और चैरिटेबल ट्रस्टों द्वारा संचालित अस्पताल/स्कूलों को भी छूट रहेगी। एक महीने में निस्तारण करना होगा अभी तक भूमि रूपांतरण आदेश जारी होने के बाद म्यूटेशन के लिए राजस्व अधिकारियों और पटवारी के पास अलग से प्रक्रिया करनी पड़ती थी। नियमों में सरलीकरण के बाद आवेदन के 30 दिन में राजस्व रिकॉर्ड में म्यूटेशन दर्ज होकर लैंड यूज चेंज किया जाएगा। लैंड यूज चेंज होने के बाद ले-आउट और नक्शा पास कराने के लिए निकायों व विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र और इंटीग्रेटेड टाउनशिप के ले-आउट और बिल्डिंग प्लान को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी कमेटी मंजूरी देगी। आवासीय कॉलोनियों में 40% जमीन सार्वजनिक सुविधाओं व सड़कों के लिए रखनी होगी। 60% आवासीय और 5% व्यावसायिक/संस्थाओं के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। कृषि से लेकर कंपनी तक लैंड कन्वर्जन की दर कृषि से आवासीय, सार्वजनिक उपयोग, औद्योगिकडीएलसी दर का 5% कृषि से व्यावसायिक, संस्थागत, टाउनशिपडीएलसी दर का 10% खाद्य प्रसंस्करण इकाई के लिएडीएलसी दर का 2.5% अक्षय ऊर्जा व नमक निर्माण यूनिट के लिएडीएलसी दर का 0.5% पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल से ही होगी ग्रामीण इलाकों में अभी तक लैंड कन्वर्जन की पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन ही होती है और अधिकारियों द्वारा फाइल की स्वीकृति के बाद आदेश जारी किए जाते थे। अब नई व्यवस्था के अनुसार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए करना होगा। कृषि भूमि के लिए अलग-अलग कैटेगरी में निर्धारित प्रीमियम और फीस चुकाकर फॉर्म-ए सबमिट करना होगा। इसके बाद अनुमति आदेश मिल जाएंगे। आगे की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन ही फाइल संबंधित विभाग के पास चली जाएगी।