पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अगस्त में नवजातों की मौत का आंकड़ा 75 के पार पहुंच गया है। इनमें एक ही दिन 10 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी है। इस बीच जिला प्रशासन ने भी अलग से रिपोर्ट मांगी है। गुरुवार को अतिरिक्त जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन यह पता लगाना चाहता है कि एक महीने में मौतों का आंकड़ा 75 के पार कैसे पहुंचा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बैठक में कुछ बिंदु रखे गए हैं। इन्हें विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। मौतें रोकने के लिए नई गाइडलाइन भी तैयार की जा रही है। इलाज भी जांच के दायरे में भर्ती के बाद इलाज की प्रक्रिया, बच्चों की स्थिति व उपचार में किसी स्तर पर कमी की भी जांच होगी। इन मौतों के पीछे इन चिकित्सकीय कारणों के अलावा अन्य वजह भी जांचे जाएंगे। 10 मौतों में 8 नवजात रेफर होकर आए थे मालदा मेडिकल कॉलेज में आसपास के जिलों के साथ बिहार और झारखंड से भी गंभीर नवजात रेफर होकर आते हैं। यहां एक दिन में मरने वाले 10 नवजातों में आठ दूसरे अस्पतालों और नर्सिंग होम से आए थे। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत डॉ. प्रसेनजीत कुमार बार ने कहा कि सभी बच्चों का सीसीयू में इलाज किया गया, लेकिन उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।