मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच झड़पों में 24 घंटे के दौरान एक महिला समेत 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें 6 नगा, 3 कुकी और एक नेपाली शामिल हैं। उपद्रवियों ने चसाड थाने में भी आग लगाने की कोशिश की। कुकी और नगा समुदायों के 14 घर जला दिए गए। पुलिस के मुताबिक, चसाड थाने के पास अवैध बंकरों के निर्माण की सूचना पर अभियान चलाया गया था। महिलाओं ने निर्माण रोकने की कोशिश की, जिसके बाद अज्ञात हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी की। इसमें 42 साल की एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद आगजनी और गोलीबारी हुई। फरवरी में मणिपुर में दोबारा शुरू हुई हिंसा की घटनाओं से लेकर अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा की घटनाएं उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी के साथ-साथ सेनापति के कुछ हिस्सों में हुई है। म्यांमार बॉर्डर की तरफ भागे हमलावर एक अलग घटना में कामजोंग में म्यांमार सीमा के पास स्थित तांगखुल नगा बस्ती 'निंगचो' गांव में संदिग्ध उग्रवादी घुस आए और गोलीबारी शुरू कर दी। गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान 35 साल के नगाचांसो निंगशेन और 48 साल के लेशिशान लेशडांग के तौर पर हुई है। घटना के बाद सुरक्षा बल गांव पहुंचे और हालात को काबू में किया। ग्रामीणों का दावा है कि गोलीबारी के बाद हमलावर म्यांमार की तरफ भाग गए। ज़िला प्रशासन ने और हिंसा को रोकने के लिए चसाड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। फरवरी से 10 अक्टूबर तक की प्रमुख घटनाएं 7–11 फरवरी: उखरुल मामूली झगड़े से हिंसा फैली उखरुल जिले के लितान इलाके में 7 फरवरी की रात दो तांगखुल नगा और दो कुकी युवकों के बीच झगड़ा हुआ। अगले दिन एक कुकी परिवार के खाली घर में आग लगाई गई। आरोपियों को सौंपने की मांग के बाद तनाव बढ़ा, पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई। कई घर जला दिए गए और प्रशासन ने कर्फ्यू तथा इंटरनेट प्रतिबंध जैसे कदम उठाए। 24–25 अप्रैल: गोलीबारी में तीन लोगों की मौत उखरुल के सिनाकीथेल और मुल्लम गांवों के पास दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर आई। इनमें तांगखुल नगा समुदाय का एक व्यक्ति भी शामिल था। इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ा। 7–8 मई: उखरुल और कामजोंग के गांवों पर हमले और आगजनी उखरुल और कामजोंग जिलों में गोलीबारी तथा आगजनी की कई घटनाएं हुईं। कम से कम छह लोगों के घायल होने की खबर आई। भारत-म्यांमार सीमा के पास तांगखुल नगा समुदाय के तीन गांवों में 15 तक घरों पर हमले और आगजनी की सूचना मिली। अगस्त के आखिर में: 7 लोगों की मौत ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, अगस्त के आखिरी दिनों में नगा और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में कम से कम सात लोग मारे गए। फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में सितंबर की शुरुआत तक मरने वालों की कुल संख्या 34 बताई गई। सितंबर: हिंसा का दायरा बढ़ा सितंबर के अंत तक रिपोर्टों में नगा–कुकी संघर्ष में 50 से अधिक मौतों का उल्लेख किया गया। हिंसा की वजह से दोनों समुदायों के बीच बदले की कार्रवाई का सिलसिला और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती बढ़ी। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में 2 नगा नागरिकों की हत्या, कुकी पर आरोप: CM बोले- कायराना हरकत; सितंबर में 13 की मौत, 7 महीने में 50 जान गई सितंबर में मणिपुर के सेनापति जिले के कलेंजांग गांव में मुखिया के घर में मौजूद लोगों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस घटना में दो नगा लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना शनिवार दोपहर को हुई। पढ़ें पूरी खबर…