बौद्धिक एवं सृजनात्मक कौशल अभिवृद्धि योजना 2024-25 के तहत प्रदेश के 41 जिलों में हजारों बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतियोगिताएं तो हो गई। लेकिन जिन स्कूलों ने अपनी जेब से खर्च कर यह आयोजन किया उनका हिसाब आज तक गायब है। जो आज तक बोर्ड तक पहुंचा ही नहीं हैं। इनमें किसी के बिल बाउचर तो किसी की यूसी गायब हैं। अब इस पूरे मामले का खुलासा खुद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की निदेशक (शैक्षिक) की ओर से बीकानेर निदेशालय को भेजी गई एक आधिकारिक सूचना से हुआ है। बोर्ड की निदेशक (शैक्षिक) उषा कच्छावा ने अधिकारियों और संस्था प्रधानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति की राशि तो भेज दी गई, लेकिन संबंधित संस्था प्रधानों (आयोजक विद्यालयों) और जिला शिक्षा अधिकारियों ने बोर्ड के निर्देशों की कड़ाई से पालना नहीं की। बोर्ड ने समय-समय पर पत्र भेजे, दूरभाष पर बात भी की, फिर भी प्रकरणों के निस्तारण में कोताही बरती गई। इसके बाद बीकानेर निदेशालय के गुणवत्ता एवं नवाचार अनुभाग के जिला शिक्षा अधिकारी ने अगस्त 2026 को सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को पत्र जारी कर अविलंब वाउचर्स व यूसी बोर्ड भिजवाने के निर्देश दिए। लेकिन लेकिन हैरानी की बात है कि कईयों के तो आज तक भी नहीं पहुंचे हैं। इस मामले में भरतपुर डीईओ सुरेन्द्र गोपालिया का कहना है कि हमने बिल बाउचर तो भेज दिए हैं, और ये लगातार मांगते भी रहते हैं, लेकिन यूसी का देखना पड़ेगा, यह पहले भी आया था। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की निदेशक (शैक्षिक) उषा कच्छावा ने बतााय कि हमने सूचना मांगी है साथ में नाम भी मांग हैं, जो मेल पर आ रही हैं। 11 जिलों में छात्र रिकॉर्ड है, लेकिन बिल-यूसी नहीं