झुंझुनूं जिले में मेडिकल स्टोर्स पर दवाइयों के क्रय-विक्रय और भंडारण में नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन ने कार्रवाई की है। विभाग ने अनियमितताएं मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर्स के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें श्री श्याम मेडिकल स्टोर, नरनौल बाईपास सर्किल, सिंघाना, गुंजन मेडिकल स्टोर, गुमचक्कर सीकर रोड, उदयपुरवाटी और बालाजी मेडिकल स्टोर, वार्ड नंबर 10, सीकर रोड, उदयपुरवाटी शामिल हैं। एनडीपीएस दवाओं के रिकॉर्ड नहीं मिले कार्रवाई के दौरान सामने आया कि संबंधित मेडिकल स्टोर्स पर औषधियों के क्रय-विक्रय से जुड़े जरूरी दस्तावेज और बिल उपलब्ध नहीं थे। ऐसी दवाओं के संबंध में भी रिकॉर्ड नहीं मिला, जो एनडीपीएस के दायरे में आती हैं और चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के बिना बेची नहीं जा सकतीं। इन दवाइयों के क्रय-विक्रय को लेकर पुलिस कार्रवाई भी की गई थी। निरीक्षण के दौरान ऐसी दवाएं मिलीं, जिनके संबंध में फर्म संचालक उनके वैध क्रय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के मामले में क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड और चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। श्याम मेडिकल स्टोर में बिल और दस्तावेज नहीं मिले श्री श्याम मेडिकल स्टोर, नरनौल बाईपास सर्किल, सिंघाना के निरीक्षण में औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित जरूरी दस्तावेज और बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण के दौरान मिली कुछ औषधियों के क्रय संबंधी बिल भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। एनडीपीएस श्रेणी में आने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय और उनके रिकॉर्ड को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभागीय कार्रवाई के साथ इस मामले में पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की गई। गुंजन मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट नहीं मिले गुंजन मेडिकल स्टोर, गुमचक्कर सीकर रोड, उदयपुरवाटी के निरीक्षण में भी कई खामियां मिलीं। निर्धारित स्थान पर औषधि लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था। निरीक्षण के समय पंजीकृत फार्मासिस्ट भी मौजूद नहीं मिले। इसके साथ ही औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड में भी कमियां सामने आईं। बालाजी मेडिकल स्टोर में भी रिकॉर्ड अधूरे बालाजी मेडिकल स्टोर, वार्ड नंबर 10, सीकर रोड, उदयपुरवाटी के निरीक्षण में पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करने और औषधियों के क्रय संबंधी जरूरी बिल व अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने जैसी अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान मिली औषधियों के संबंध में भी फर्म की ओर से संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विभाग ने इसे औषधि व्यवसाय से जुड़े निर्धारित नियमों के विपरीत माना। इसके बाद तीनों मेडिकल स्टोर्स के औषधि व्यवसाय संबंधी लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया गया। बची दवाओं का नियमानुसार करना होगा निस्तारण लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही दुकानों में बची हुई औषधियों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आदेश की पालना सुनिश्चित करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।