भास्कर न्यूज |सवाई माधोपुर वन स्टेट,वन इलेक्शन से निश्चित रूप से राजनीतिक पार्टियों को फायदा मिला है। निकाय चुनाव दो चरण में होने से पार्टी के स्थानी यों के अलावा जिला व प्रांतीय पदाधिकारियों ने बतौर प्रभारी के रूप में निकाय चुनावी व्यवस्थाओं में भरपूर समय दिया। जनसंपर्क से लेकर बूथ मैनेजमेंट व वोटिंग तक की व्यवस्थाओं की कमान संभाली। प्रत्याशियों की टिकट घोषणा तक दोनों ही दलों के जिलाध्यक्षों के यहां कार्यकर्ताओं का मजमा लगा रहा, बाद में चुनाव प्रभारी व स्थानीय बड़े नेताओं ने ही मॉनिटरिंग रखी। सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में एनवक्त पर मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना की एंट्री हुई,जिससे प्रत्याशियों सहित कार्यकर्ताओं में भी जोश जागा। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मदन प्रजापत और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राहुल भांकर व पूर्व विधायक दानिश अबरार ने निकाय चुनाव का प्रभार वार्ड टू वार्ड जाकर संभाला। बूथ मैनेजमेंट व मॉनिटरिंग तक रिपोर्ट से रूबरू हुए। दोनों ही पार्टियों का मिशन बोर्ड गठन का है,मगर मतदान समाप्ति के बाद सीटें जीतने के आंकलन के आधार पर ही नया प्लान बनाएंगे। सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में विधायक व कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने तीन दिनी मोर्चा संभाला तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी ज्यादा सक्रिय व जोश से वार्डों में काम किया। उन्होंने सभी 59 प्रत्याशियों से वन-टू-वन फीडबैक, मतदाता समीकरण व माहौल आदि पर चर्चा की। साथ ही मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को एक होटल में सभी को बूथ मैनेजमेंट से लेकर बरती जाने वाली सावधानी के साथ जीत को लेकर विशेष मंत्र भी फूंका। हॉट वार्डों से लेकर चर्चित चेहरों के वार्डों में स्वयं ने प्रचार किया और कमजोर प्रत्याशियों के वार्डों में मंगलवार की रात विशेष रूप से संपर्क व रणनीति तय की। बुधवार को मतदान के दौरान भी वे मुख्यालय पर रहे और चुनावी मॉनिटरिंग के साथ पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे। नवगठित नगर पालिका खंडार में स्वयं विधायक जितेंद्र गोठवाल ने भाजपा के लिए मोर्चा संभाला, सहयोग में प्रधान नरेंद्र चौधरी ने पार्टी प्रत्याशियों के लिए रणनीति तय की। कांग्रेस में यहां पूर्व विधायक अशोक बैरवा ने व्यवस्था संभाली। वहीं नपा बौंली में भाजपा का दारोमदार प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल ने संभाला, उनका परिवारवाद यहां हावी दिखा। छोटे भाई प्रधान कृष्ण पोसवाल ने मैनेजमेंट देखा और स्वयं की पत्नी व पिता को भी वार्ड पार्षद के चुनाव में सहयोग किया। जबकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंदिरा मीना का फोकस अपने विस क्षेत्र की नगर पालिका बौंली तक ही सिमटा रहा। हालांकि, दूसरे चरण में बामनवास पालिका का चुनाव होने से उनको राहत भी मिली। इसी प्रकार भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर भी पहले चरण वाले तीनों निकायों में टिकट वितरण के बाद अपेक्षित समय नहीं दे पाए। बहरहाल, वन स्टेट,वन इलेक्शन का ज्यादा फायदा सत्तारूढ़ दल को होने के आसार नजर आ रहे हैं।