भास्कर न्यूज | राजसमंद जिले में इस बार मानसून किसानों और जलाशयों को निराश कर रहा है। जनवरी से सितंबर तक हुई बारिश पिछले साल की तुलना में आधी से भी कम रही है। वर्ष 2025 में जिले में 948 एमएम औसत बारिश हुई थी, जबकि इस साल अब तक करीब 340 एमएम ही बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल अच्छी बारिश से 22 सितंबर को राजसमंद झील 68 साल में पांचवीं बार छलकी थी। इस बार 30 फीट भराव क्षमता वाली झील में जलस्तर 19.10 फीट ही है। बाघेरी और नंदसमंद बांध भी आधे से अधिक खाली हैं। दोनों से अलग-अलग क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होती है। एक जून से 26 सितंबर तक गिलूंड में सबसे अधिक 521 एमएम बारिश हुई। रेलमगरा में 497, देवगढ़ 418, भीम 394, आमेट 353, गढ़बोर 351, नाथद्वारा 326, सरदारगढ़ 308, देलवाड़ा 283, कुंभलगढ़ 272, राजसमंद 235, खमनोर 239 और कुंवारिया में 219 एमएम बारिश हुई। 30 फीट क्षमता वाली राजसमंद झील में 19.10 फीट, भराई तालाब में 7, कुंडेली में 4 और नंदसमंद में 13.90 फीट पानी है। 64 फीट क्षमता वाले चिकलवास में 52 फीट पानी है। भोपाल सागर में सिर्फ 1, नीमझर में 16 और बाघेरी नाका में 32.80 फीट क्षमता के मुकाबले आधे से कम पानी है।