जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार से शुरू हुए मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में दुनिया की कई वायुसेनाओं के फाइटर जेट और सैन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे। भारतीय वायुसेना की मेजबानी में हो रहे इस दूसरे संस्करण में 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई अपने हवाई संसाधनों के साथ शामिल हैं, जबकि 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास में 80 से ज्यादा विमान तथा करीब 1500 एयर क्रू, तकनीकी और ग्राउंड स्टाफ हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग एड्रेस के साथ साथ सभी मेहमानों को आने वाले 16 दिनों के बारे में ब्रीफ किया गया। लंबी दूरी तय कर आए मेहमानों को ध्यान में रखते हुए मिशन और अॉपरेशन जैसी कार्रवाई की शुरुआत सोमवार से होगी। इस दौरान सभी देशों की वायुसेना अपने एसेट्स के साथ विभिन्न ऑपरेशंस में हिस्सा लेंगी। मिशन प्रोफाइल में काउंटर-एयर, एयर डिफेंस, फोर्स कॉम्बैट, एयरलिफ्ट और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग जैसे जटिल ऑपरेशन शामिल होंगे। जब दो देशों में समान प्लेटफॉर्म तो विकास आसान फ्रांसीसी एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ मेजर जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि यूरोप में अलग-अलग देशों की प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए नाटो की व्यवस्था है, लेकिन इस क्षेत्र में ऐसी समान व्यवस्था नहीं है। ऐसे में भारत समेत दूसरे देशों के साथ प्रशिक्षण का अवसर महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत का राफेल विमानों की नई खेप खरीदना जारी रखने का निर्णय उनके दृष्टिकोण से एक समझदारी भरा निर्णय है। ऑपरेशनल अधिकारी के नजरिए से साझा प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण होता है। इंटरऑपरेबिलिटी के लिए तकनीकी आधार जरूरी है और जब दो देशों के पास समान प्लेटफॉर्म हो तो इसे विकसित करना आसान होता है। फ्रांस ‘पेगासस 26’ के तहत भारत में लेकर आया पूरा एयर पैकेज फ्रांस तरंग शक्ति में सिर्फ राफेल लेकर नहीं पहुंचा है। वह अपने ‘पेगासस 26’ एयर पावर प्रोजेक्शन मिशन के तहत भारत आया है। 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन में करीब 300 फ्रांसीसी सैन्यकर्मी हैं। फ्रांसीसी पैकेज में राफेल लड़ाकू विमान, A330 MRTT फीनिक्स टैंकर-ट्रांसपोर्ट विमान और A400M एटलस ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। भारत इस मिशन के हिंद-प्रशांत चरण का प्रमुख पड़ाव है और इसी दौरान फ्रांसीसी दल तरंग शक्ति में हिस्सा लेने जोधपुर पहुंचा है।