सफाई कर्मचारी भर्ती के लिए अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नगर निगम प्रशासन को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की मियाद पूरी होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को एक बार फिर नगर निगम कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सफाई कर्मचारी शामिल हुए। 900 कर्मचारियों का भविष्य दांव पर भर्ती आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, लेकिन अनुभव प्रमाण पत्र न मिलने से 900 कर्मचारी आवेदन से वंचित होने की कगार पर हैं। कर्मचारियों ने साफ किया है कि वे बुधवार तक निगम प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। मांग पूरी नहीं होने पर गुरुवार से सफाई कार्य का पूर्ण बहिष्कार कर शहर में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। साहिल ने कहा कि अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिला तो एक दिन बाद हड़ताल पर जाएंगे। पहले 28 सितंबर तक अनुभव प्रमाण पत्र देने का आश्वासन दिया गया था। अभी निगम के 900 कर्मचारी भटक रहे हैं। अब भी आश्वासन दिया जा रहा है। सुबह 4 बजे से सफाई करने वाले काट रहे चक्कर कर्मचारी नेता राजेश सारसर ने बताया कि शहर को साफ रखने के लिए कर्मचारी सुबह 4 बजे ही अपने घरों से निकल जाते हैं। दिन -रात मेहनत करने के बावजूद आज उन्हें अपने हक के दस्तावेजों के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पहली बार किसी भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर ऐसे हालात पैदा हुए हैं। एक तरफ प्रशासन उनसे शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु रखने की उम्मीद करता है, तो दूसरी तरफ उनके भविष्य से जुड़े जरूरी कागजात जारी करने में लापरवाही बरती जा रही है सफाई कर्मचारी नेता राकेश सारसर ने बताया कि “अगर समय रहते प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से कोई भी कर्मचारी आवेदन करने से चूक जाता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही निगम प्रशासन की होगी।” शहर में गहरा सकता है सफाई संकट कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा और गुरुवार से अलवर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।