नागौर में पंचायती राज चुनाव के टिकट वितरण को लेकर भाजपा में मंथन के बीच मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर नाराजगी सामने आई। पार्टी से निष्कासित नेता लक्ष्मीनारायण मुंडेल भी तख्ती लेकर पहुंचे। तख्तियों पर लिखा था-‘कार्यकर्ताओं का सम्मान’ और ‘दलबदलुओं से सावधान’। उन्होंने टिकट वितरण में पुराने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग की। मुंडेल को निकाय चुनाव में बगावत के कारण निष्कासित किया गया था। वे पार्टी में रहते हुए युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष और किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री के पद पर रहे। शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के टिकट तय करने के लिए 12 क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा की गई। 12 क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से लिया फीडबैक बैठक में नागौर, खींवसर, जायल, मेड़ता, मूंडवा, श्रीबालाजी-अलाय, डेह, रियांबड़ी, भैरूंदा, डेगाना, पांचौड़ी और मेड़ता रोड-गोटन क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से वार्डवार फीडबैक लिया गया। भाजपा कार्यालय में टिकट के दावेदारों से आवेदन भी लिए जा रहे हैं। चुनावी चर्चा के बीच पार्टी कार्यालय में दावेदारों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट रही है। भाजपा का बोर्ड बनाने पर फोकस बैठक में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई। अलग-अलग वार्डों में संभावित उम्मीदवारों की स्थिति, कार्यकर्ताओं की राय और चुनावी समीकरणों पर फीडबैक लिया गया। टिकट वितरण पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से किया जाएगा। इस दौरान भाजपा नेता जगत मोहन जोशी, जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, जायल विधायक एवं राज्य मंत्री मंजू बाघमार, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम मेघवाल सहित पंचायत चुनाव के वार्ड प्रभारी मौजूद रहे।