नागौर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। ये विरोध प्रदर्शन निर्वाचन आयोग से जुड़े कई मुद्दों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमानराम बागड़ा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष बोले- लोकतंत्र में पारदर्शिता जरूरी जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने कहा- लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था जरूरी है। प्रत्येक मतदाता का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका स्पष्ट और निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्था से संबंधित किसी भी शिकायत या आपत्ति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रही है। बागड़ा ने कहा कि कांग्रेस का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से है। पार्टी का उद्देश्य चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जनता के मत की पवित्रता और लोकतंत्र की विश्वसनीयता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन नेताओं ने भी किया संबोधित प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, मेड़ता विधानसभा प्रत्याशी शिवरतन वाल्मीकि, पीसीसी सचिव आईदानराम भाटी, ब्लॉक अध्यक्ष पुनाराम मेघवाल, दिलफराज खान, रामनिवास भाटी, नेमाराम बेड़ा, प्रतापराम भाकर, अल्ला नूर राठौड़, मोतीलाल चंदेल और राधेश्याम सांगवा ने भी संबोधित किया। इस दौरान बासनी नगरपालिका चेयरमैन शौकत अली, रुस्तम प्रिंस, हरीश मिर्धा, सुरेश ग्वालु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।