नागौर के खींवसर, मेड़ता, मुंडवा क्षेत्र में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और तेज अंधड़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। कई जगह खड़ी बाजरे की फसल खेतों में बिछ गई, जबकि कटाई के बाद खेतों में रखी फसल पानी में भीग गई। ग्वार और कपास की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बार पहले ही बारिश कम होने से फसल उत्पादन प्रभावित हुआ था। अब कटाई के समय हुई बारिश ने तैयार फसल को नुकसान पहुंचा दिया। कई खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है। फसल खराबे का मुद्दा उठाया रविवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में किसानों ने फसल खराबे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके बाद नायब तहसीलदार रामनारायण जाखड़ प्रभावित खेतों में पहुंचे और मौके पर फसल और बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। संबंधित पटवारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। किसानों ने प्रशासन से जल्द गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। खींवसर समेत आसपास के गांवों में भी नुकसान खींवसर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी शनिवार रात तेज बारिश के साथ अंधड़ चला। इससे कई खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। किसानों के अनुसार बारिश के कारण बाजरा, ग्वार और कपास की फसल प्रभावित हुई हैं। वहीं, कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल भी बारिश में भीग गई। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गांव-गांव सर्वे करवाकर किसानों को क्लेम दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हुई बारिश से उनकी मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। अंधड़ से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित तेज अंधड़ के कारण कई गांवों में बिजली के पोल गिरने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की भी जानकारी सामने आई। इसके बाद बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोलों को दुरुस्त करने में जुटी रहीं। खजवाना, ढाढरिया खुर्द, ढाढरिया कलां, निम्बड़ी चांदावत, पालड़ी, जोधा, इन्द्रकोली, देशवाल, जनाणा, रूण, भटनोखा और छलिया सहित आसपास के गांवों में फसल नुकसान की जानकारी सामने आई है। किसानों ने प्रशासन से सभी प्रभावित गांवों में सर्वे करवाकर जल्द राहत देने की मांग की है।