करीब दो साल पहले नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में नागौर की विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट ने मुख्य आरोपी चन्दन कुमार उर्फ छोटू को दोषी माना है। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। रात में कमरे से नाबालिग को उठाकर ले गए मामला अगस्त 2024 का है। नाबालिग अपनी मां और दो बहनों के साथ रहती थी। उसकी मां मजदूरी करती थी। घटना वाली रात नाबालिग अपनी दो बहनों के साथ कमरे में सो रही थी, जबकि मां दूसरे कमरे में थी। अभियोजन के अनुसार, देर रात दो लोग कमरे में आए। उन्होंने नाबालिग के मुंह पर हाथ रखा और उसे उठाकर अपने साथ ले गए। कुछ देर बाद मां को बेटी के कमरे में नहीं होने का पता चला। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बाद में नाबालिग गांव में आती हुई मिली। उसने मां को पूरी घटना बताई। घटना के समय उसकी उम्र करीब 15 से 16 साल थी। पुलिस ने चन्दन कुमार उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक अभिरक्षा में था। 16 गवाहों के बयान और 46 दस्तावेज पेश किए मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान करवाए और 46 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। इस मामले में शामिल एक बाल अपचारी को प्रधान मजिस्ट्रेट, बाल किशोर न्याय बोर्ड, नागौर पहले ही दोषी घोषित कर चुका है। दो धाराओं में सजा विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, नागौर वन्दना राठौड़ ने आरोपी को 7 साल के साधारण कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पॉक्सो अधिनियम के तहत उसे उम्रकैद और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।