चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के नाहरी गांव के पास स्थित भोमिया जी मंदिर में वन विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने के बाद ग्रामीणों ने हंगामा किया। वन विभाग की टीम ने मंदिर की दीवार और कुछ पिलर हटाए, जिससे मंदिर की छत के गिरने की आशंका बढ़ गई। कार्रवाई का विरोध करते हुए महिलाओं ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का रास्ता रोक लिया और जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर भगवतगढ़ से पुलिस और वन विभाग के जवान मौके पर पहुंचे और काफी समझाइश के बाद मामला शांत कराया। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर कराया था निर्माण ग्रामीणों के अनुसार नाहरी गांव के पास भोमिया जी का मंदिर वर्षों पुराना है। करीब तीन-चार महीने पहले ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर मंदिर के पुराने निर्माण को हटाकर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराया था। शनिवार को ही मंदिर की छत डाली गई थी। रविवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को अतिक्रमण बताते हुए कार्रवाई की। टीम ने छत के चारों ओर बनी दीवार और कुछ पिलर हटा दिए। इससे छत के क्षतिग्रस्त होकर गिरने की आशंका बनी हुई है। महिलाओं ने रास्ता रोककर जताया विरोध ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान वन विभाग की ओर से पहले कभी इसे अवैध या अतिक्रमण बताते हुए रोक नहीं लगाई गई। ऐसे में अचानक कार्रवाई से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कार्रवाई के बाद जब वन विभाग की टीम वापस लौट रही थी, तब महिलाओं ने रास्ता रोककर विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ महिलाओं के हाथों में डंडे और पत्थर भी दिखाई दिए। महिलाओं ने वन विभाग की कार्रवाई को गलत बताते हुए इसका विरोध किया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया। वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण वन विभाग की एसीएफ मनीष शर्मा ने बताया कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का घेराव कर विरोध किया, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने सूझबूझ से स्थिति को संभालते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की। एसीएफ के अनुसार निर्माण कार्य को पहले भी रोकने के लिए ग्रामीणों को समझाया गया था, लेकिन समझाइश के बावजूद निर्माण जारी रखा गया। इसके बाद विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई।