राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से साल 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें आपसी समझाइश एवं राजीनामे के माध्यम से जिले में राजस्व एवं फौजदारी न्यायालयों सहित विभिन्न न्यायालयों में लंबित कुल 4713 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान करीब 10 करोड़ 15 लाख 29 हजार 549 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे संतोष अग्रवाल, विशिष्ट न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) प्रकरण न्यायालय नम्रता पारीक तथा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माधवी गोस्वामी ने एडीआर सेंटर पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 10 लोक अदालत बेंचों का गठन जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक के निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिले में कुल 10 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया। इनमें दौसा मुख्यालय पर तीन तथा बांदीकुई, लालसोट, महवा एवं सिकराय तालुका में कुल सात बेंच गठित की गईं। कई प्रकरणों का हुआ निस्तारण लोक अदालत में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरणों, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), पारिवारिक विवाद, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित प्रकरण, राजस्व मामलों तथा विभिन्न प्रकार के सिविल मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा, क्षतिपूर्ति एवं विनिर्दिष्ट पालना से संबंधित दावे भी शामिल रहे।