सीकर के नीमकाथाना निवासी नायब सूबेदार छोटूराम बोरान का मंगलवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले आज 4 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा जाट छात्रावास से उनके पैतृक घर पथवारी मोहल्ले में पहुंची। तबीयत खराब होने के कारण सोमवार सुबह उनका निधन हो गया था। वे उत्तर प्रदेश के झांसी में भारतीय सेना की ईएमई बटालियन में तैनात थे। देर रात नीमकाथाना पहुंची पार्थिव देह जवान की पार्थिव देह सोमवार देर रात नीमकाथाना पहुंची थी। पार्थिव देह को वीर तेजाजी जाट छात्रावास में रखा गया। मंगलवार सुबह सैन्य वाहनों को फूलों से सजाकर 10:30 बजे से जाट छात्रावास से तिरंगा यात्रा शुरू हुई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोग छोटूराम जाट अमर रहें के नारे लगाते रहे। रास्ते में जगह-जगह स्कूली स्टूडेंट्स ने लाइन बनाकर सैन्य वाहन पर फूलों की बारिश की और जवान को श्रद्धांजलि दी। पथवारी मोहल्ले में परिजनों ने जवान के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद अंतिम यात्रा निकालते हुए पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाया गया। यहां सेना की बटालियन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। नीमकाथाना एडीएम भगीरथ साख, एसडीएम सुमन सोनल, पाटन तहसीलदार राजवीर सिंह, डीएसपी सुशील मान, नगर पालिका चेयरमैन महेश मेगोतिया ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सेना की ओर से छोटूराम बोरान के बेटे विशाल को तिरंगा सौंपा गया। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। यहां देखें अंतिम यात्रा से जुड़ी तस्वीरें… 24 सितंबर को बिगड़ी थी तबीयत बता दें कि छोटूराम जाट भारतीय सेना की ईएमई बटालियन में झांसी में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। सोमवार सुबह उनका निधन हो गया। 24 सितंबर को अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल झांसी में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर्स ने उनका ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं हो सका। सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 2001 में सेना में भर्ती हुए थे छोटूराम वर्ष 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग पंजाब के जालंधर में हुई थी। इसके बाद उन्होंने सेना में रहते हुए विभिन्न स्थानों पर सेवाएं दीं और वर्तमान में ईएमई बटालियन झांसी में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। छह साल पहले पत्नी का भी हो चुका निधन छोटूराम बोरान के दो बच्चे हैं। बेटा विशाल और बेटी शिवानी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी पत्नी मंजू का करीब छह साल पहले गंभीर बीमारी के चलते निधन हो चुका है। अब दोनों बच्चों के सिर से मां के बाद पिता का साया भी उठ गया। … यह खबर भी पढ़ें 41-साल के सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत:2 दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे; 4 महीने बाद रिटायरमेंट था बाड़मेर जिले में 41 साल के सेना के हवलदार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बेरीवाला सागणा निवासी हवलदार महेंद्र कुमार एक दिन पहले ही छुट्‌टी पर गांव आए थे। शनिवार देर रात करीब 9 बजे खाना खाने के कुछ देर बाद अचानक महेंद्र के सीने में दर्द होने लगा। परिजन तुरंत उनको हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत महेंद्र को मृत घोषित कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)