धम्मचक्र परिवर्तन दिवस व अशोक विजयादशमी पर जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टोंक नगर महासभा अध्यक्ष वीरेंद्र बैरवा, नंदकिशोर बैरवा, पूर्व मैनेजर रामनिवास बैरवा, रामदयाल बैरवा व भीम सेना जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने धम्मचक्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर सम्राट अशोक को नमन किया। जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सम्राट अशोक के शांति, अहिंसा, सत्य और धम्म के संदेश से जोड़ना रहा। वक्ताओं ने कहा कि अंबेडकर सर्किल के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के दौरान अशोक स्तंभ पर धम्मचक्र की स्थापना केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास है। इससे युवाओं को अशोक के विचारों और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। वक्ताओं ने बताया कि कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक ने हिंसा का मार्ग छोड़कर बौद्ध धम्म अपनाया और शांति एवं अहिंसा का संदेश दिया। अंबेडकर सर्किल पर धम्मचक्र की स्थापना को टोंक की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए इसे शहर के गौरव में वृद्धि करने वाला कदम बताया।