शहरी निकाय चुनाव में ज्यादा पार्षद जीतने के बावजूद बोर्ड नहीं बनाने और क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी और विवाद बढ़ गया है। पूर्व विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की अध्यक्षता में कमेटी इस भीतरघात की जांच कर रही है। इसे लेकर आज जयपुर में बैठक हुई, जिसमें कमेटी ने कई शहरी निकायों के नेताओं को सुनवाई के लिए बुला रखा था। पाली से आए बागी गुट के कांग्रेस पार्षदों ने जयपुर में कांग्रेस वॉर रूम में हंगामा कर दिया। सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए डॉ. सीपी जोशी से मिलने की मांग उठाई, लेकिन जोशी ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष से मिलने को कहा। सीपी जोशी से सुनवाई के लिए वक्त मांगा था पाली से आए कांग्रेस नेताओं ने सीपी जोशी से मिलकर निकाय चुनावों में जीतने के बावजूद मेयर नहीं बना पाने के मामले में अपना पक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने राजबाला हिंगड़ गुट पर क्रॉस वोटिंग और पार्टी को हरवाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ राजगाला हिंगड़ गुट के बागी पार्षदों ने सीपी जोशी से मिलकर शिकायत सुनने की मांग रखी लेकिन उन्हें वक्त नहीं दिया। सीपी जोशी जब बैठक से बाहर आए तो बागी गुट के पार्षदों ने उन्हें अपना पक्ष रखने की मांग दोहराई। इस पर सीपी जोशी ने पार्षदों को कांग्रेस प्रदेशााध्यक्ष से मिलने की सलाह दी। काफी देर तक पार्षद जिद पर अड़े रहे लेकिन जोशी नहीं माने और रवाना हो गए। जोशी बोले- मेरी कमेटी का काम आपसे मिलने का नहीं, आप प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए सीपी जोशी ने पार्षदों से कहा कि मेरी कमेटी का काम आपसे मिलने का नहीं है। आप आए हो अच्छी बात है लेकिन आप मुझसे नहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से मिलिए। उनसे मिलकर अपनी बात रखिए, मेरा काम दूसरा है। सीपी जोशी के समझाने के बावजूद भी पार्षद जिद पर अड़े रहे। सीपी जोशी दो टूक कहकर गाड़ी में बैठकर वॉर रूम से निकल गए। जोशी के जाने के बाद पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। गलत उम्मीदवार को टिकट देने से कांग्रेस हारी बागी पार्षदों ने कहा कि हमारी कोई बात सुनने वाला ही नहीं है। पाली में जीतने के बावजूद हम हार गए, इसके पीछे गलत उम्मीदवार को टिकट देना है। हमारी सुनी ही नहीं गई। हम मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन यहां किसी को कांग्रेस की चिंता ही नहीं है। पाली में कांग्रेस के 29 पार्षद होने के बावजूद मेयर प्रत्याशी को केवल 3 वोट मिले थे पाली नगर निगम में 65 वार्डों में से कांग्रेस के 29 पार्षद जीते, बीजेपी के 21 और 15 निर्दलीय जीते। कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को मेयर उम्मीदवार बनाया था लेकिन वहां राजबाला हिंगढ़ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। मेयर चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को केवल 3 वोट मिले जबकि बीजेपी का बहुमत नहीं होने के बावजूद उसे 33 वोट मिले। कांग्रेस की बागी राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले थे। कांग्रेस पार्षदों की क्रॉस वोटिंग की वजह से अधिकृत उम्मीदवार को केवल तीन ही वोट मिले थे। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी सीपी जोशी कमेटी अब क्रॉस वोटिंग और भीतरघात की जांच कर रही है। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद पार्टी एक्शन लेगी। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक पीसीसी वॉर रूम में पार्षदों के हंगामे के पीछे इसीको कारण माना जा रहा है।