शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान में EWS विसंगतियों को लेकर यात्रा निकाल रहे है। सुमेरपुर, तखतगढ़ के बाद करीब 50 गाड़ियों का लग्जरी काफिला सोमवार की रात करीब 9 बजे पाली शहर पहुंचा। शहर के झाला गार्डन में देर रात जनसभा शुरू हुई। पाली में यह बोले रविन्द्रसिंह भाटी भाटी ने कहा- मैं निर्दलीय हूं। मेरे पैरों में पार्टी की बेड़ियां नहीं हैं। मदन राठौड़ आपके पाली के हैं, उन्हें जगाइए, जिससे EWS आरक्षण की विसंगतियां दूर हो सके। उन्होंने कहा कि विसंगतियों के कारण कमजोर लोग दर-दर की ठोकर खा रहे हैं, ऐसे में सभी मिलकर उनके हक की आवाज उठाओ। पूरे प्रदेश भर में जाएंगे। जरूर पड़ी तो दिल्ली कूच भी करेंगे। EWS में जो विसंगतियां है उसको लेकर आज सरकार चर्चा तक नहीं कर रही। पिछले तीन साल में एक बार भी पत्राचार नहीं हुआ। मैं पूछना चाहता हूं प्रदेश की सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर इन भाईयों के साथ यह कुठाराघात क्यों? और आखिर कब तक। हम हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से तमाम चीजे करते आए है और आशा करते है कि आने वाले समय में भी हम पूरी तरह अनुशासित होकर पूरे तरीके से काम करेंगे और बात मनवाएंगे। अगर हमारी वाजिब मांग नहीं मानी जाती है तो जरूरत पड़ी तो जयपुर और दिल्ली जाम करने की तो उसमें भी कमी नहीं आएंगी। बोले कि जमीन की शर्त जो EWS में डाली गई है कि 5 एकड़ जमीन जिसके पास है वह EWS के नहीं आएंगा। किसी भी लड़की के पिता और पति की आय को मिलाकर प्रमाण लेना सही नहीं है। क्योंकि हमारे यहां लड़की की शादी कर देते है तो उसकी सारी जिम्मेदारी उसके पति की होती है। इन शर्तों के चलते वाकई में जिन लोगों को फायदा मिलना चाहिए था उनको नहीं मिल पा रहा है। पाली की जनता से आह्वान किया कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक आवाज पहुंचाओ। तीसरे मोर्चा बनाने की जरूरत पड़ी तो भी तैयार तीसरे मोर्च को लेकर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी और जनता कहेगी तो तीसरा मोर्चा भी बना लेंगे। नगर निकाय चुनाव में पाली का बोर्ड कैसे बना सबको पता है। समय आने पर जनता जवाब देगी। इससे पहले नाडोल में भी भाटी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा- EWS सर्टिफिकेट बनवाने में आ रही विसंगतियों को दूर करने की जरूरत है। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए सर्टिफिकेट करने की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। भाटी ने कहा कि EWS के हितों की निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग गठित करना चाहिए। उन्होंने राजस्थान और गुजरात की तर्ज पर EWS में संपत्ति संबंधी शर्तों को हटाकर 8 लाख रुपए सालाना आय को प्रमुख पात्रता आधार बनाने की मांग रखी। साथ ही EWS अभ्यर्थियों को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह आयु सीमा, न्यूनतम अहर्ता एवं आवेदन शुल्क में छूट देने और EWS प्रमाण-पत्र की वैधता एक साल से बढ़ाकर 3 से 5 साल करने की मांग की। भाटी ने कहा- विवाह के बाद EWS पात्रता निर्धारित करते समय महिला के पिता की आय को आधार मानने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे अलग-अलग नियमों के कारण महिलाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि पाली शहर पहुंचने से पहले सुमेरपुर और तखतगढ़ पहुंचने पर भाटी को ऊंट पर बैठाकर JCB से फूल बरसाए गए। इसके चलते तखतगढ़ पुलिस ने NH- 325 का मार्ग डायवर्ट किया। यात्रा के दौरान पाली जिले के तखतगढ़, बिटिया, बलुपुरा, बांकली, खिवांदी सहित जगह- जगह भाटी का स्वागत किया गया। नाडोल से शाम करीब साढ़े सात बजे वे पाली के हेमावास पहुंचे, जहां स्वागत कार्यक्रम के बाद उनका काफिला पाली शहर पहुंचा था। अब देखें मौके की तस्वीरें…