नगर निगम चुनाव सिर पर है। शहर की जनता किन समस्याओं से परेशान है और इस बार जिसे अपना वोट देगी। उनसे क्या उम्मीद रखती है यह जानने के लिए भास्कर डिजिटल टीम ग्राउंड पर उतरी। पहले दिन हमनें पाली शहर के वार्ड संख्या 1 से लेकर 5 में रहने वाले लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्या और मुद्दें सुने। वार्ड 1 तीन वार्डों को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल वार्ड संख्या 1 में सेंटपॉल स्कूल के आस-पास के क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या यह खस्ताहाल सड़क की है। वार्ड संख्या एक, दो और तीन को जोड़ने वाली लिंक रोड की हालत पिछले काफी समय से खराब है। तीन-चार बड़ी स्कूलें इस रोड पर है। स्कूली बच्चों की गाड़ियां भी आती हैं लेकिन प्रयासों के बाद भी इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ। वार्ड संख्या एक के आशापुरा टाउनशिप में रहने वाले बुजुर्ग सुरेशचंद्र व्यास ने बताया- चुनाव के समय नेता वोट मांगने आ जाते हैं लेकिन टाउनशिप की समस्याओं के समाधान को लेकर कोई प्रयास नहीं करते। टाउनशिप में सफाईकर्मी तक नहीं आता। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात क्या होगी? एडवोकेट दिलीपसिंह ने कहा- वार्ड की अधिकतर गलियां ऐसी हैं जहां नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। जिसमें मच्छर पनपते हैं और बीमार होने का डर बना रहता है। सड़कों की हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। वार्ड संख्या - 2 टूटी सड़कों, गंदी नालियों से परेशान वार्ड संख्या दो हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में संकरी गलियों में टूटी सड़कें हैं। यहां के निवासी संतोष शर्मा ने बताया- गली की नाली गंदगी से अटी पड़ी हैं। दो-दो महीने तक सफाईकर्मी नहीं आते। गणपतलाल चौहान ने बताया- टूटी सड़कें भी दर्द देने का काम करती हैं। इसके साथ ही सीवरेज की गंदगी नासूर बनी हुई है। गंदा पानी घरों तक अंदर तक आ जाता है। वार्ड संख्या 3 नेता बताएं कब बनेगी साइबर थाने वाली रोड? वार्ड संख्या तीन के नया हाउसिंग बोर्ड सहित आस-पास के क्षेत्र में टूटी सड़कें, सफाई का अभाव, गलियों में घूमते मवेशी दिखे। स्थानीय निवासी प्रकाश माथुर ने बताया- साइबर थाने से आगे की तरफ जाने वाली रोड जगह-जगह से टूटी पड़ी है। हादसा होने का डर रहता है। लेकिन इस सड़क का निर्माण कब होगा पता नहीं। मोहल्ले के ही चेतन ने बताया- सीवरेज ने तो जिना मुशिकल कर रखा है। वार्ड संख्या 4 सीवरेज का पानी घर में आ जाता है वार्ड संख्या चार भटवाड़ा क्षेत्र के लोग भी गलियों में घूमते मवेशियों, टूटी सड़क और सीवरेज की समस्या से परेशान नजर आए। मोहल्ले के मदनलाल ने बताया- सीवरेज का गंदा पानी घर के अंदर तक आ जाता है। होदियां भरी हुई हैं। सफाई नहीं होती। कमलादेवी ने बताया- सुभाष नगर में अधिकतर गलियों में सड़कें टूटी हैं। सफाई का अभाव है। नालियों में पनप रहे मच्छर बीमार कर रहे हैं। सुनवाई नहीं होती। वार्ड संख्या 5 घर तक नहीं नल, पाइप लगाकर भरना पड़ता है पानी वार्ड संख्या पांच के मिल चाली इलाके में भी स्थिति अच्छी नहीं मिली। यहां महिलाएं नल से बाल्टियां भरकर घर तक पानी ले जाती नजर आईं। यहां मिल में काम करने वाले मजदूर परिवार सहित रहते हैं। अधिकतर कई साल से यहां काम कर रहे हैं और वोट भी दे रहे हैं। संजीत कुमार ने बताया- चौक में बरसात के दौरान कीचड़ हो जाता है। आने-जाने में दिक्क्त होती है। चौक का पक्का निर्माण स्थानीय निकाय नहीं करवा रही। संजीव पाठक ने बताया- मिल प्रबंधन की ओर से सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है। नेता तो सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं। उसके बाद नजर तक नहीं आते। वार्ड के पांच मौखा पुलिया क्षेत्र में रहने वालीं नीतू मीणा ने बताया- गली में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। यह सबसे बड़ी समस्या है।