जिले में पंचायती राज आम चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 29 नवंबर तक सभी 15 पंचायत समिति क्षेत्रों में प्रभावी रहेंगे। आदेश के तहत किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, विस्फोटक एवं घातक रासायनिक पदार्थों के सार्वजनिक प्रदर्शन व परिवहन पर पूर्ण रोक रहेगी। सुरक्षा बलों, पुलिस, अधिकृत कर्मियों, सिख समुदाय के कृपाण धारकों, वृद्ध-दिव्यांगों की लाठी और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को इससे छूट दी गई है। बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा। चुनावी सभाओं या वाहनों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात 10 से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। अस्पताल, स्कूल एवं धार्मिक स्थलों के 100 मीटर दायरे में इनके उपयोग पर सख्त पाबंदी रहेगी। पुलिस की पूर्व अनुमति के बिना रैली, जुलूस, धरना या आमसभा की अनुमति नहीं होगी, हालांकि बारात और शव यात्रा इस दायरे से बाहर रहेंगी। आदेशानुसार धर्मस्थलों का प्रयोग चुनाव प्रचार मंच के रूप में नहीं होगा। सोशल मीडिया या प्रचार सामग्री के जरिए साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, जातिगत द्वेष फैलाने और व्यक्तिगत आक्षेप लगाने पर सख्त पाबंदी है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन वर्जित रहेगा। मतदान व मतगणना केंद्र के 100 मीटर दायरे में मोबाइल फोन, अनधिकृत भीड़ (5 या अधिक व्यक्ति), मत याचना और प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्याशी मतदाताओं को अपने वाहनों से पोलिंग बूथ नहीं ला सकेंगे। चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।