बस में रजिस्ट्रेशन के बाद सीटें बढ़ा दीं, ट्रक की बॉडी ऊंची या लंबी कर लोडिंग स्पेस बढ़ा लिया और पकड़े जाने पर जवाब दिया आपके विभाग ने ही वाहन पास किया था, लेकिन अब बहाना आसान नहीं होगा। क्योंकि राजस्थान परिवहन विभाग ने चेसिस पर बनने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को कैमरे के दायरे में ला दिया है। अब बस, ट्रक, पिकअप सहित प्रत्येक चेसिस-बिल्ट वाहन की कम से कम 10 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। वाहन के चारों ओर का व्यू, चैसिस-इंजन नंबर, बॉडी निर्माण और सेफ्टी उपकरण रिकॉर्ड होंगे। चार रंगीन फोटो फाइल में लगाए जाएंगे और फोटो वाहन पोर्टल पर भी अपलोड होंगे। पुराने रिकॉर्ड में सबसे बड़ा ‘ब्लाइंड स्पॉट’... दरअसल अभी तक विभाग का प्रवर्तन दल सड़क पर मॉडिफाइड वाहन पकड़ता था, तो सबसे बड़ा विवाद यही होता था कि बदलाव रजिस्ट्रेशन के बाद किया गया या वाहन को उसी स्थिति में विभाग ने पास किया था। पंजीयन के वक्त का ठोस विजुअल रिकॉर्ड नहीं होने से विभागीय जांच, शिकायत और कोर्ट मामलों में स्थिति उलझती थी, लेकिन अब पुराने वीडियो और मौके पर मौजूद वाहन की स्थिति का सीधा मिलान किया जा सकेगा। इससे वाहन मालिक के साथ उस अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी, जिसने वाहन पास किया था। रजिस्ट्रेशन को वीडियोग्राफी से जोड़ा परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिटनेस सेंटरों में 16 फरवरी 2026 से वीडियोग्राफी की सख्ती के बाद अब परिवहन मुख्यालय ने वाहन के शुरुआती रजिस्ट्रेशन को भी विजुअल रिकॉर्ड से जोड़ दिया है। इससे वाहन के रजिस्ट्रेशन में दो अहम पड़ाव, जिनमें रजिस्ट्रेशन और बाद की फिटनेस दोनों पर डिजिटल प्रमाण रहेगा। ऐसे सुरक्षित रहेगा ‘डेटा’ प्रत्येक आरटीओ-डीटीओ कार्यालय को 1 टीबी हार्ड डिस्क रखनी होगी। वीडियो को दिन, महीना और साल के फोल्डर में सुरक्षित किया जाएगा। आईटी विंग का कर्मचारी इसका कस्टोडियन होगा। उसका तबादला होने पर हार्ड डिस्क का बाकायदा हैंडओवर-टेकओवर होगा। इसे कार्यालय से बाहर नहीं ले जाया जा सकेगा। गड़बड़ी पर अफसर की भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। रजिस्ट्रेशन के समय कैमरे में ये 7 चीजें रिकॉर्ड होंगी 1: फ्रंट व्यू, रियर व्यू, लेफ्ट-राइट साइड, चेसिस नंबर 2: इंजन/मोटर नंबर 3: पूरी बॉडी और निर्माण गुणवत्ता 4: प्रमुख सुरक्षा उपकरण और निरीक्षण बिंदु