फलोदी के श्री ओसवाल न्याति नोहरा में आदिनाथ सेवा मंडल ने सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम किया। यह कार्यक्रम दिव्य तपस्वी आचार्य हंसरत्न सुरीश्वर महाराज, प्रवचन प्रभावक आचार्य तत्वदर्शन सुरिश्वर महाराज और प्रन्यास प्रवर धर्मध्यान विजय महाराज की मौजूदगी में हुआ। इस मौके पर काश्यपरत्न महाराज ने क्षमा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि क्षमा मांगने वाला और क्षमा करने वाला दोनों ही वीर होते हैं। क्षमा मांगने से अहंकार खत्म होता है और आत्मा कर्मों के बोझ से हल्की होती है। महाराज ने बताया कि भगवान की पूजा, साधना, तप और जप सबका अपना महत्व है, लेकिन क्षमा का महत्व इन सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अगर हम जाने-अनजाने में अपनी बातों या व्यवहार से किसी को पूरे साल कष्ट या दुख पहुंचाते हैं, तो हमें उनसे माफी मांगनी चाहिए। अगर कोई हमसे माफी मांगता है, तो उसे माफ कर देना चाहिए। कार्यक्रम के बाद सामूहिक स्वामीवात्सल्य का आयोजन भी हुआ। इसमें घीसूलाल (गोपाल) गोलछा, विजयचंद वैद, रविंद्र जैन, मुकेश कोठारी, प्रफुल बुरड़, विकास नाहटा, अशोक कोचर, मूलचंद कानूगा, देवेंद्र गोलछा, मांगीलाल चोरडिया, मिलापचंद लुकड़ और मूलचंद कोठारी समेत जैन समाज के कई लोग मौजूद रहे। रवींद्र जैन, पारसमल वैद, कल्पना कोचर, मंजू कोचर, अशोक कोचर और गौतमचंद कोठारी ने कार्यक्रम में अपने विचार रखे। मंच का संचालन राजेश लुंकड़ ने किया। आदिनाथ सेवा मंडल के अध्यक्ष मुकेश कोठारी ने सभी का धन्यवाद किया।