‘वी विल डू इट... हम करके दिखाएंगे।' पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने एक घंटे की स्पीच में कहा, 'जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं। जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।’ उन्होंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियों से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र होना सिखाया। ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हो। ‘25 साल में देश कहां पहुंचा, यह देखना जरूरी’ मोदी ने कहा, “हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकती है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। 25 सालों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।” स्पीच से पहले विनायक मंदिर में पूजा 1. फूल लेकर पहुंचे 2. पंडित ने माला पहनाई 3. शिवलिंग को फूल चढ़ाए 4. आरती की