भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने 2026 ग्रैंड चेस टूर (GCT) का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वे GCT का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका के ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारूआना को 15-13 से हराया। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने 2 लाख डॉलर (लगभग ₹1.91 करोड़) की प्राइज मनी अपने नाम की। 6 पॉइंट पीछे रहने के बाद प्रज्ञानानंदा ने की वापसी फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन की शुरुआत में प्रज्ञानानंदा कारूआना से 6 पॉइंट पीछे चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने दिन की शुरुआत में ही दोनों रैपिड गेम्स जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की और स्कोर में बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद हुए ब्लिट्ज मैचों में दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन बराबरी का रहा, जिससे प्रज्ञानानंदा ने 2 पॉइंट की बढ़त बनाए रखी और 15-13 के अंतिम स्कोर के साथ पहली बार ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम किया। तीसरे नंबर के मैच में वेस्ली सो की जीत तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में अमेरिका के ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को 18-12 के अंतर से हराया। रैपिड सेक्शन में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का मुकाबला रहा, लेकिन वेस्ली सो ने लगातार चारों ब्लिट्ज गेम्स जीतकर एक मैच शेष रहते ही जीत तय कर ली। 2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ी क्वालिफाई इस टूर्नामेंट के फाइनल नतीजों के साथ ही अगले सीजन यानी 2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ियों ने डायरेक्ट क्वालिफाई कर लिया है। इन 3 खिलाड़ियों में चैंपियन प्रज्ञानानंदा, रनर-अप फैबियानो कारूआना और तीसरे स्थान पर रहने वाले वेस्ली सो शामिल हैं। टूर्नामेंट सिंगल-एलिमिनेशन नॉकआउट फॉर्मेट में खेला गया, जिसमें चार खिलाड़ियों फैबियानो कारूआना, वेस्ली सो, विंसेंट कीमर और प्रज्ञानानंदा ने हिस्सा लिया। 2015 में हुई थी शुरुआत ग्रैंड चेस टूर दुनिया के बड़े शतरंज टूर्नामेंट की एक सीरीज है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। इसमें सालभर अलग-अलग शहरों में क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में मुकाबले खेले जाते हैं। खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पॉइंट्स मिलते हैं और सीजन के अंत में इन्हीं पॉइंट्स के आधार पर ग्रैंड चेस टूर फाइनल के लिए खिलाड़ियों का चयन होता है।