प्रतापगढ़ जिले में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की दो दिन पहले मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वप्रेरित संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि यह गंभीर और अत्यावश्यक मामला है, इसलिए हम इसे सुनेंगे। अदालत ने 6 अक्टूबर को मामले की सुनवाई तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस तरह की घटनाओं में प्रिवेंटिव डिटेंशन (पहले से कदम उठाने) की आवश्यकता है। दरअसल 21 अक्टूबर को प्रतापगढ़ जिले में अवैध खनन रोकने गए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) की खनन माफिया ने डंपर से कुचल कर हत्या कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता और राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य अवैध बजरी खनन मामले में न्यायमित्र निखिल गोयल ने दी। सरकार ने कहा- अवैध बजरी खनन का मामला नहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कोर्ट को बताया- इस घटना का चंबल अभयारण्य से कोई संबंध नहीं है। यह अवैध बजरी खनन का मामला भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं सरकार की ओर से एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। अवैध बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट दे चुका है आदेश अवैध बजरी खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले से ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर चुका है। इनमें निगरानी व्यवस्था, चेकपोस्ट, अवैध खनन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और मैदानी स्तर पर कार्यरत वनकर्मियों की सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए थे। यह खबर भी पढ़ें... खनन माफिया ने रेंजर को डंपर से 50 मीटर घसीटा,मौत:बाइक से पीछा कर गाड़ियों को रोका तो टक्कर मारकर सड़क पर गिराया प्रतापगढ़़ जिले में अवैध खनन रोकने गए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) को डंपर ने टक्कर मार दी। इसके बाद 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र की सोमवार रात 11:30 बजे की है। रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत (40) निवासी मेडी का अमरा, शंभूपुरा (चित्तौड़गढ़) अवैध खनन की सूचना पर श्री घाटीवाले बालाजी मंदिर के पास पहुंचे थे। जहां मिट्टी से भरे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। (पूरी खबर पढ़ें)